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इस ऑपरेशन के तहत ED की टीम उन गैंगस्टर के खिलाफ जल्द ही बड़ी कार्रवाई करके मामला दर्ज करने वाली है, जिन्होंने पिछले कई सालों से गलत तरीके से कई अवैध संपतियां बनाई हैं.

नई दिल्ली. केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की टीम उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सहित कई अन्य राज्यों से जुड़े उन गैंगस्टर के खिलाफ भी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है , जिन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग (Money laundering) कानून के खिलाफ कार्य करते हुए लाखों-करोड़ों रुपए की आमदनी की. साथ ही बेनामी संपतियों में निवेश किया है.

काले धन के गड़े मुर्दे उखाड़ेगी जांच एजेंसी

केंद्रीय जांच एजेंसी ED के एक सूत्रों के मुताबिक, इस विशेष गुप्त ऑपरेशन कोड का नाम दिया है – ऑपरेशन नया विकास. इस ऑपरेशन के तहत ED की टीम उन गैंगस्टर के खिलाफ जल्द ही बड़ी कार्रवाई करके मामला दर्ज करने वाली है, जिन्होंने पिछले कई सालों से गलत तरीके से कई अवैध संपतियां बनाई हैं. यूपी सहित अन्य राज्यों में उन्होंने अवैध पैसे निवेश किए हैं. इसके साथ ही विदेश में भी निवेश करने वाले गैंगस्टर के खिलाफ भी अब पुराने मामलों की तफ्तीश शुरू कर दी गई है. जल्द ही इस मामले में ED की टीम औपचारिक तौर पर मामला दर्ज करने वाली है.

विकास ने विदेशों में भी निवेश किया था काला धनऐसे बड़े स्तर के गैंगस्टर जिनके खिलाफ पहले से ही मामले दर्ज हैं या जिनके खिलाफ पहले आरोपपत्र दायर हो चुका है, इन सबके खिलाफ इस ऑपरेशन के तहत पुराने मामलों को आधार बनाते हुए ED केस को टेकओवर करने वाली है. ऑपरेशन नया विकास की प्लानिंग यूपी में काफी चर्चित रहे गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर के एक दिन पहले ही हुई है. उस मामले में शुरुआत इनपुट्स ये मिले हैं कि कानपुर, लखनऊ मात्र नहीं, बल्कि विदेशों में भी उसने काफी संपतियों में अवैध काली कमाई को निवेश किया था. उसके खिलाफ पिछले कुछ दिनों पहले ही कुछ दस्तावेज और पुराने FIR, आरोपपत्र को कानपुर और लखनऊ की स्थानीय पुलिस से ED द्वारा लिया गया था. लेकिन अब उसकी मौत हो चुकी है, इसलिए उन मामलों में कई ऐसे आरोपी जो सह आरोपी रह चुके हैं, उनके खिलाफ शिकंजा कसा जा सकता है.

सफेदपोशों की नींद होगी हराम

इसके साथ ही उन पुराने मामलों में कई बड़े नेताओं और प्रशासन से जुड़े लोगों की भूमिका से जुड़े मसले फिर से तरोताजा हो सकते हैं. क्योंकि कई बड़े नेताओं द्वारा उस वक्त अपने बाहुबल से और सत्ता की पकड़ से उन मामलों को कई सालों पहले दबा दिया गया था. लेकिन अब जब उस मामले की पड़ताल की जाएगी तो कई लोगों और कई सफेदपोश लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.



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