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Kanpur Shootout: प्रभात मिश्रा की उम्र महज 16 साल थी और इसी उम्र में वह दुर्दांत विकास दुबे का खास बन गया था. इतना ही नहीं 2 जुलाई की रात पुलिस टीम पर हुए हमले में भी वह शामिल था. उसे फरीदाबाद पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया था.

कानपुर. गैंगस्टर विकास दुबे (Gangster Vikas Dubey) के रौब और दबंगई से जहां एक और गांव वाले थर्राते थे तो कुछ युवा उसे आदर्श मानने लगे थे. ऐसा ही एक युवा था प्रभात मिश्रा (Prabhat Mishra) उर्फ़ कार्तिकेय, जिसे गुरुवार सुबह यूपी एसटीएफ (UP STF) ने कानपुर (Kanpur) के पनकी थाना क्षेत्र में हुए मुठभेड़ (Encounter) में मार गिराया. प्रभात मिश्रा की उम्र महज 16 साल थी और इसी उम्र में वह दुर्दांत विकास दुबे का खास बन गया था. इतना ही नहीं 2 जुलाई की रात पुलिस टीम पर हुए हमले में भी वह शामिल था. उसे फरीदाबाद पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया था. जिसके बाद ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस उसे लेकर कानपुर आ रही थी. एसटीएफ के मुताबिक पनकी थाना क्षेत्र में गाड़ी पंक्चर हो गई. इसका फायदा उठाकर प्रभात मिश्र दरोगा की पिस्टल छिनकर भागने लगा. पीछे से आ रही एस्कॉर्ट की गाड़ी में मौजूद एसटीएफ से उसकी मुठभेड़ हुई जिसमें वह मारा गया. इस मुठभेड़ में  एसटीएफ के दो जवान भी घायल हुए हैं.

विकास दुबे के रौब से था प्रभावित

मृतक प्रभात मिश्रा का घर विकास दुबे के बगल में ही था. वारदात की रात प्रभात मिश्रा के घर से भी गोली पुलिस वालों पर चलाई गई थी. प्रभात मिश्रा महज 16 साल का था, लेकिन पढ़ाई में उसका मन नहीं लगा. वह बचपन से ही विकास दुबे की दबंगई देखते हुए बड़ा हुआ था. लिहाजा उसने उसके गैंग को ज्वाइन कर लिया. इतना ही नहीं वह खुद भी विकास की तरह ही लोगों पर रौब झाड़ता था. इलाके में लोग उससे भी खौफ खाते थे. प्रभात छोटी सी ही उम्र में विकास गैंग का अहम हिस्सा बन गया. उसका नंबर एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे के बाद आता था.

मां ने उठाए एनकाउंटर पर सवालन्यूज18 से बातचीत में प्रभात मिश्रा की मां ने मुठभेड़ पर ही सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि उनके बेटे को कोर्ट में पेश किया गया था. फिर कैसे उसे मार दिया. मां ने बताया कि घटना वाली रात प्रभात घर में ही मौजूद था. वारदात के बाद उन्होंने ही उसे भगाया था. जब यह पूछा गया क्यों भगाया तो उन्होंने कहा कि जब सभी भाग रहे थे तो उसे भी भगा दिया.



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