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इससे पहले सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा था कि शहीद पुलिसकर्मियों ने जिस अपरिमित साहस और अद्भुत कर्तव्‍यनिष्‍ठा के साथ अपने दायित्‍वों का निर्वहन किया है, उत्तर प्रदेश उसे कभी नहीं भूलेगा.

गोरखपुर. कानपुर (Kanpur) के विकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) की तलाश जारी है. उधर, गोरखपुर (Gorakhpur) पहुंचे सीएम योगी (CM Yogi Adityanath) ने विकास दुबे के जुड़े सवाल पर चुप्पी साध ली. उनकी चुप्पी के पीछे यूपी पुलिस के बड़े एक्शन से इनकार नहीं किया जा सकता है. विकास दुबे ही नहीं यूपी के कई बड़े गैंगेस्टर की अब खैर नहीं है. इससे पहले सीएम योगी ने कहा था कि शहीद पुलिसकर्मियों ने जिस अपरिमित साहस और अद्भुत कर्तव्‍यनिष्‍ठा के साथ अपने दायित्‍वों का निर्वहन किया है, उत्तर प्रदेश उसे कभी नहीं भूलेगा. उनका यह बलिदान व्‍यर्थ नहीं जाएगा.’ यानी तस्वीर साफ है, सीएम योगी की चुप्पी एक बड़े एक्शन की तैयारी है. जिसका असर आने वाले कुछ दिनों में प्रदेश की जनता महसूस करेगी.

वहीं अब विपक्षी पार्टियां भी लगातार सरकार को निशाने पर ले रही हैं. इसी क्रम में योगी सरकार (Yogi Government) के सहयोगी रह चुके पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर (Omprakash Rajbhar) ने सीएम योगी (CM Yogi Adityanath) से इस्तीफे की मांग की है. राजभर ने ट्वीट कर कहा है कि योगी जी को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए और इस मामले में केंद्र सरकार को सीबीआई जांच करानी चाहिए.

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लखनऊ पहुंचे आप सांसद संजय सिंह ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि विकास दुबे पर 60 मुकदमे थे और वो ढाई साल से बाहर घूम रहा था, आखिर उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? इसकी हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच होनी चाहिए, जिससे खुलासा हो सके हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को किसका राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था?ये भी पढे़ं- कानपुर शूटआउट पर बोले ओमप्रकाश राजभर- नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें CM योगी

उधर, सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार चल रहे मुख्य आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) पर अब इनाम की राशि बढ़ाकर ढाई लाख रुपए कर दी गई है. बता दें इस बड़े हत्याकांड को अंजाम देकर फरार चल रहे विकास दुबे की गिरफ्तारी पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. 40 थानों की फोर्स, एक अहजर से अधिक दरोगा, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीम उसकी चप्पे-चप्पे पर तलाश कर रही है. बावजूद उसके 72 घंटे से ज्यादा का वक्त गुजरने के बाद भी विकास दुबे और उसके गुर्गे पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं.



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