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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कानपुर शूटआउट के आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) की उज्‍जैन से गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं. उन्‍होंने कहा कि योगी सरकार उसके मोबाइल की सीडीआर (CDR) सार्वजनिक करे ताकि माफिया, पुलिस और सत्ता के गठजोड़ का भंडाफोड़ हो सके.

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने दावा किया है कि कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) की उज्जैन में जिस तरह गिरफ्तारी दिखाई गई है, वह निश्चित ही किसी सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है.उन्होंने एक बयान में कहा कि चार राज्यों की सीमाएं पार कर, लॉकडाउन के समय की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर कुख्यात अपराधी छह दिनों तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा. इसके पीछे माफिया, पुलिस (Police)और सत्ता का गठजोड़ भी रहा होगा. इसलिए उसके मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि सबकी मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके.

कानपुर घटना ने भाजपा सरकार का चोला भी उतार दिया-अखिलेश
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कानपुर की घटना ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार का चोला भी उतार दिया है और मुखौटा भी. इस घटना ने पुलिस बल के खुफिया तंत्र की भी पोल खोल दी है. एक बड़ी नृशंस घटना के पहले और बाद में आरोपी को जिस तरह सहयोग मिला, वह जाहिर करता है कि व्यवस्था में कितनी सडांध पैदा हो गई है. उन्होंने कहा कि बिकरू कांड के कातिल और उसके सहयोगियों की पिछले पांच वर्ष की सीडीआर सरकार जारी कर देगी तो सच्चाई सामने आ जाएगी कि किस-किस नेता, अफसर से सम्पर्क थे. साथ ही उन्होंने सवाल किया कि किसके दबाव में पुलिस बिना तैयारी दबिश डालने रात में पहुंच गई थी. उन्होंने कहा कि कई बातें छुपाई जा रही हैं और उनका खुलासा होना चाहिए.

समाजवादी पार्टी को विकास दुबे से कोई लेना देना नहींसमाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जहां तक समाजवादी पार्टी का सम्बंध है उसका इस घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, समाजवादी पार्टी को बदनाम करने के अभियान में लगी रहती है क्योंकि उसे मालूम है कि उत्तर प्रदेश में उसकी सत्ता को असल चुनौती समाजवादी पार्टी से ही मिलती है.



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