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गोपालगंज (Gopalganj) को चंपारण, सारण और तिरहुत (Champaran, Saran and Tirhut) के कई जिलों से जोड़ने के लिहाज से सत्तरघाट महासेतु अति महत्वपूर्ण है.

गोपालगंज. 264 करोड़ की लागत से बना सत्तरघाट महासेतु (Sattarghat Mahasetu ) पर आवागमन ठप हो गया है. दरअसल इसका एप्रोच रोड गंडक नदी (Gandak River) के पानी के दबाव नहीं झेल पाया और देखते ही देखते ध्वस्त हो गया. इस पुल के पहुंच पथ के ध्वस्त होने से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गयी है और चंपारण, तिरहुत और सारण समेत कई जिलों से संपर्क भी टूट गया है. बता दें कि बीते 16 जून को सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस महासेतू का उद्घाटन किया था.

बैकुंठपुर के फैजुल्लाहपुर में एप्रोच रोड धंस गया

गौरतलब है कि गोपालगंज को चंपारण, सारण और  तिरहुत के कई जिलों से जोड़ने के लिहाज से सत्तरघाट महासेतु अति महत्वकांक्षी पुल है. इसके निर्माण में करीब 264 करोड की लागत आई थी. बता दें कि गोपालगंज में आज तीन लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी का बहाव था. गंडक के इतने बड़े जलस्तर  के दबाव से इस महासेतु का एप्रोच रोड टूट गया जिसकी वजह से आवागमन हो गया है. बैकुंठपुर के फैजुल्लाहपुर में पुल का एप्रोच रोड टूटा है.

भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी ने की जांच की मांगबहरहाल भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी ने इस मामले की जानकारी बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव को दी है. उन्होंने कहा है कि इस मामले की जांच करने के लिए वह आगामी four अगस्त को शुरू होने वाले विधानसभा में उठाएंगे.

16 जून को सीएम नीतीश कुमार ने किया था उद्घाटन

बता दें कि सीएम नीतीश कुमार ने इस महासेतु के निर्माण की आधारशिला वर्ष 2012 में रखी थी. इसे बनाने में three वर्षो का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन भूमि सम्बन्धी मामले और अन्य अड़चनों की वजह से एक लंबा वक्त लगा. बीते 16 जून को सीएम नीतीश कुमार ने इस महासेतु का उद्घाटन किया था.



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