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रिपोर्ट में दिखाया गया था कि लड़कियों को मजदूरी के लिए यौन शोषण का शिकार होना पड़ता है.

चित्रकूट. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के चित्रकूट (Chitrakoot) जिले में खदानों में मजदूरी के लिए गरीब नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण (Sexual Harassment) का मामला सामने आया है. एक निजी न्यूज चैनल पर स्पेशल रिपोर्ट दिखाए जाने के बाद डीएम शेषमणि पांडे (DM Sheshmani Pandey) ने पूरे मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

चित्रकूट के जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने ट्वीट कर कहा, “अभी-अभी मैंने चैनल पर प्रसारित विशेष रिपोर्ट को देखा, वर्णित घटना क्रम की गहन जांच करने के लिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश कर दिए हैं, इस निंदनीय कृत्य मे जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.”

मजदूरी के नाम पर यौन शोषण

दरअसल मंगलवार को एक निजी चैनल ने अपनी रिपोर्ट में चित्रकूट के खदानों में ठेकेदारों व बिचौलियों के द्वारा गरीब लड़कियों के यौन शोषण का मामला उजागर किया गया था. रिपोर्ट में दिखाया गया था कि लड़कियों को मजदूरी के लिए यौन शोषण का शिकार होना पड़ता है. ठेकेदार और बिचौलिए इन लड़कियों को मजदूरी नहीं देते. मजदूरी पाने के लिए इन्हें अपने जिस्म का सौदा करना पड़ता है. इनकार करने पर मजदूरी नहीं मिलती.दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने भी की कार्रवाई की मांग

दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालीवाल ने ट्वीट कर योगी आदित्यनाथ सरकार से मामले में तुरंत सख्त कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने लिखा, “उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में 10 से 18 साल की बच्चियों के साथ खदानों में काम के बहाने दरिंदगी की जा रही है. ऐसा कैसे हो सकता है कि इन नन्ही बच्चियों को इस तरह नोचा जा रहा है और प्रशासन को भनक तक नहीं है? बेहद शर्मनाक! @myogiadityanath जी, तुरंत सख़्त ऐक्शन करवाएँ!”


Published by:
Amit Tiwari


First revealed:
July 8, 2020, 7:04 AM IST



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