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बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में अब तक सीबीआई (CBI) ने आरोपियों के खिलाफ कुल 354 गवाह पेश किए थे. जिनकी गवाही खत्म होने के बाद कोर्ट ने एक हजार से अधिक सवाल तैयार किये हैं.

लखनऊ. अयोध्‍या में हुए बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले (Babri Masjid Demolition Case) में सोमवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता कल्याण सिंह (Kalyan Singh) लखनऊ में सीबीआई (CBI Court) की विशेष अदालत में पेश हुये. जहां उन्होंने सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया. आपको बता दें कि इस मामले में कल्याण सिंह 32 आरोपियों में से एक हैं. कल्याण सिंह के अलावा धर्म सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष दूबे सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए. कड़ी सुरक्षा के बीच कल्याण सिंह को कोर्ट में पेश किया गया. इस दौरान कोर्ट के बाहर भारी संख्या में मीडिया मौजूद रही. बाबरी मस्जिद विध्वंस के मामले में कुल 49 लोगों को आरोपी बनाया गया था.

सीबीआई के 354 गवाहों की गवाही हो चुकी है खत्‍म

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में अब तक सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ कुल 354 गवाह पेश किए थे. जिनकी गवाही खत्म होने के बाद कोर्ट ने अभियोजन प्रपत्रों और गवाहों की गवाही के आधार पर आरोपियों से पूछने के लिए एक हजार से अधिक सवाल तैयार किये हैं. जबकि कोर्ट आरोपियों से खुली कोर्ट में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के सम्बंध में प्रश्न पूछेगी. इस दौरान आरोपी उसका जवाब देगा और अपना पक्ष भी रखेगा. वहीं, इसी बयान में आरोपी को अगर अपने पक्ष में सफाई देनी है तो बताएगा और कोर्ट उसे सफाई के गवाह पेश करने का मौका देगी.

ये भी पढ़ें- विकास दुबे के गांव पहुंचे जस्टिस शशिकांत अग्रवाल, शुरू हुई सबसे बड़े हत्याकांड की तफ्तीशगौरतलब है कि 6 दिसम्बर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को उन्मादी भीड़ ने ढहा दिया था. इस मामले की रिपोर्ट रामजन्म भूमि थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी प्रियंबदा नाथ शुक्ल और चौकी प्रभारी गंगा प्रसाद तिवारी ने 6 दिसम्बर 1992 को दर्ज कराई थी. बाद में मामले की विवेचना सीबीआई को सौंपी गई जिसने कुल 49 आरोपियो के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी, जिसमें से लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, कल्याण सिंह, मुरलीमनोहर जोशी, बृजभूषण शरण सिंह, चम्पत राय समेत 32 के खिलाफ सुनवाई चल रही है. जबकि बाला साहेब ठाकरे, अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णुहरी डालमिया समेत 17 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में विशेष न्यायालय को आदेश दिया है कि वह हर हाल में 31 अगस्त तक अपना निर्णय दे.



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