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राष्ट्रीय उच्च पथ 28 (NH-28) दिल्ली-गुवाहाटी और काठमांडू को सीधा रास्ते जोडती है. यही वजह है कि डुमरियाघाट पुल (Dumariaghat Bridge) से रोजाना हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन और मालवाहक गुजरते हैं.

मोतिहारी. देश के सामरिक और आर्थिक महत्व के डुमरियाघाट पुल (Dumariaghat Bridge) पर बाढ़ के पानी का खतरा मंडराने लगा है. दरअसल पानी के दबाव के कारण पुल के समानान्तर में वर्षों से अर्द्धनिर्मित पुल का एप्रोच ध्वस्त होने लगा है. अर्द्धनिर्मित पुल के एप्रोच रोड (Approach highway) के ध्वस्त होने के बाद पानी का सीधा प्रभाव एनएच 28 फोर लेन के पुराने पुल पर होने की आशंका है. हालांकि अर्द्धनिर्मित पुल के एप्रोच के ध्वस्त होने के शुरुआत के साथ ही एनएचएआई (NHAI) के अधिकारी मौके पर कैम्प किये हुए हैं और बचाव कार्य को तेज गति से कराया जा रहा है. वहीं, जिला प्रशासन के अधिकारी आवागमन पर रोक लगाते हुए निगरानी कर रहे हैं.

दिल्ली-गुवाहाटी और काठमांडू को जोड़ता है पुल

बता दें कि राष्ट्रीय उच्च पथ 28 दिल्ली-गुवाहाटी और काठमांडू को सीधा रास्ते जोडती है. यही वजह है कि डुमरियाघाट पुल से रोजाना हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन और मालवाहक गुजरते हैं. एनएचएआई के अधिकारियों की मानें तो एप्रोच को दूरुस्त कर डुमरियाघाट के पुल को बचाया लिया जाएगा. लेकिन देर रात तक बचाव कार्य जारी था और पुल से आवागमन ठप पड़ा हुआ था.

आवागमन ठप होने से हजारों वाहनों की लगी कतारमालूम हो कि एनएच 28 के फोर लेन निर्माण के बाद से डुमरियाघाट पुल के समानान्तर में एक और पुल का निर्माण एनएचएआई सालों से करा रही है जिसका पिछले कई सालों से निर्माण कार्य रुका है. इस  कारण वाहनों की आवाजाही एकमात्र पुल से होती है.



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