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पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य़ (SP Anurag Arya) ने बताया कि दक्षिणटोला थाना क्षेत्र की पुलिस टीम ने सदर विधायक मुख्तार अंसारी गिरोह के तीन मछली कारोबारियों को गिरफ्तार किया है.

मऊ. पूर्वांचल के माफिया डॉन मुख़्तार अंसारी गैंग (Mukhtar Ansari) पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. इसी कड़ी में पुलिस ने गिरोह से जुड़े तीन मछली कारोबारियों को गिरफ्तार (Arrest) किया है. उनके पास से आंध्र प्रदेश से लाई गई 60 लाख रुपए की मछली, दो ट्रक और तीन पीकअप वाहन भी पुलिस ने बरामद किया है. इसके अलावा मछली गोदाम का फर्जी लाइसेंस भी जब्त किया.

पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य़ ने बताया कि दक्षिणटोला थाना क्षेत्र की पुलिस टीम ने सदर विधायक मुख्तार अंसारी गिरोह के तीन मछली कारोबारियों को गिरफ्तार किया. इन लोगों के द्वारा तीन ट्रकों से आंध्र प्रदेश से लाई गई 60 लाख रुपये की मछली भी बरामद की है. पुलिस टीम के द्वारा यह कार्रवाई उस वक्त की गयी, जब ट्रकों से मछली को उतार कर छोटे वाहनों में लादी जा रही थी. उसी वक्त पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें दबोचा. गिऱफ्तार अभियुक्तों में मछली कारोबारी सुनील सोनकर निवासी रजपुरा थाना घोसी, अनिल कुमार निवासी न्यू पट्टी और संदीप साहनी निवासी बहादुरगंज थाना कासिमाबाद जनपद गाजीपुर शामिल है.

श्यामलाल है गिरोह का मुखिया
पूछताछ में मछलियों के बारे में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि यह सभी माल श्यामलाल सोनकर उर्फ लिल्लू निवासी बलिया मोड़ कृष्ण बिहार कालोनी थाना सरायलखंसी का है. जो बिना वैध लाइसेंस के आन्ध्रप्रदेश से कम पैसे में मछलियों को मंगाकर अवैध रुप से पूर्वांचल व बिहार में ऊंचे दामों पर बेचते थे. इनके द्वारा अपनी गुंडई व धनबल से जनपद के छोटे व्यवसाइयों को डरा धमकाकर पूरे जनपद में मछली का रेट अपने हिसाब से निर्धारित करते थे. इस प्रकार ये लोग प्रति ट्रक डेढ़ से दो लाख रुपये का मुनाफा कमाते थे. सुनील सोनकर ने बताया कि श्यामलाल उर्फ लिल्लू जिनका सारा व्यवसाय वे लोग मिलकर देखते हैं. जिसमें कैशियर का काम विजय सोनकर निवासी कप्तानगंज आजमगढ़ व प्रमोद कुमार हरिजन पुत्र लालू राम निवासी बिशनपुरा सरसेना थाना चिरैयाकोट देखते हैं.मछली कारोबार से अर्जित धन का उपयोग गैंग के गुर्गे करते हैं

पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि श्यामलाल सोनकर का मछली गोदाम लाइसेंस 15 अप्रैल को ही निरस्त किया जा चुका है. लाइसेंस बहाली का फर्जी कागजात बनाकर अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिये मछलियों का आयात-निर्यात किया जा रहा था. साथ ही साथ कोरोना महामारी के दृष्टिगत लागू शनिवार व रविवार लॉकडाउन के दौरान भी मरी हुयी मछलियों को बेचा जा रहा था. जिससे काफी दुर्गन्ध आने के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है. यह भी महत्वपूर्ण है कि श्यामलाल सोनकर, इनामिया गैंगेस्टर मछली माफिया पारस नाथ सोनकर का भाई है तथा इसका जुड़ाव मुख्तार अंसारी गिरोह से है. इसके व्यापार से अर्जित धन को इस गैंग के गुर्गों को सुविधायें उपलब्ध कराने की बात प्रकाश में आयी है. इसलिए जल्द ही श्याम लाल सोनकर को भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्यवाई करेगी.



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