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कानपुर कांड में आठ पुलिसवालों की शहादत के बाद मंगलवार सुबह कांग्रेस पार्टी कार्यालय से प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में कांग्रेसी राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के लिए निकले थे.

लखनऊ. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान फर्जी बसों की सूची और शासन को भ्रमित करने को लेकर महीने भर जेल में रहे यूपी कांग्रेस (UP Congress) अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू (Ajay Kumar Lallu) को एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया गया. इस बार वजह दूसरी है. दरअसल, राजधानी लखनऊ (Lucknow) में मंगलवार को कानपुर कांड और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Governor Anandi Ben Patel) को ज्ञापन सौंपने जा रहे कांग्रेस ke कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया. इसमें प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी शामिल थे.

कानपुर कांड को लेकर मिलने जा रहे थे राज्यपाल से

गौरतलब है कि कानपुर कांड में आठ पुलिसवालों की शहादत के बाद मंगलवार सुबह कांग्रेस पार्टी कार्यालय से प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में कांग्रेसी राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के लिए निकले थे. कांग्रेस कार्यालय से अभी कुछ ही दूरी पर पहुंचे ही थे कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक लिया. इस दौरान कांग्रेस के नेताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी. पुलिस समझाने की कोशिश पर कांग्रेसी नहीं माने. इस पर पुलिस ने सभी हिरासत में लेते हुए इकोगार्डन लेकर चली गई.  बताया जा रहा कि कुछ देर बाद निजी मुचलके पर सभी को रिहा कर दिया गया.

बिना अनुमति निकाला था जुलूसउधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सूबे में अपराधी बेलगाम हो गए हैं. अपराधियों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही रही है. पुलिस असहाय है. लल्लू ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अपराधियों की जगह विरोधी दल के नेताओं को निशाना बना रही है. इस सरकार में विपक्षी दलों को जनता की आवाज नहीं उठाने दे रही है.

बता दें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू, कांग्रेस नेता विधायक दल आराधना मिश्रा मोना, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, आलोक प्रसाद, तनुज पुनिया समेत सैकड़ों कार्यकर्ता गिरफ्तार किए गए. दरअसल, कोरोना महामारी के सी दौर में किसी ने भी इस मुलाक़ात की अनुमति नहीं ली थी जिसकी वजह से पुलिस ने उन्हें पकड़ा.


Published by:
Amit Tiwari


First revealed:
July 7, 2020, 3:33 PM IST



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