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दुर्दांत अपराधी विकास दुबे आज मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से गिरफ्तार हुआ है. इसकी गिरफ्तारी में वहां तैनात सुरक्षा एजेंसी के गार्ड लाखन यादव ने प्रमुख भूमिका निभाई है.

पटना. कई पुलिस अधिकारियों और पुलि‍सकर्मियों की हत्या का आरोपी दुर्दांत अपराधी विकास दुबे (Vikas Dubey) उज्जैन (Ujjain) के महाकालेश्वर मंदिर से पकड़ा गया है. इसे पकड़ने में सबसे बड़ी भूमिका एसआईएस इंडिया लिमिटेड के सुरक्षाकर्मी लाखन यादव और उसके साथियों की रही. लाखन ने सतर्कतापूर्वक न केवल विकास की पहचान की, बल्कि उसे पकड़ने में भी बड़ी भूमिका निभाई.

कोरोना को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा कड़ी

सुबह 7:30 बजे आरोपी विकास दुबे भी मंदिर में मास्क लगाकर दर्शन के लिए पहुंचा. मंदिर में डयूटी पर तैनात एसआईएस के गार्ड लाखन यादव ने उसे रोका और मोबाईल पर ई-पास को देखकर चेहरे पर लगे मास्क को हटाने को कहा, ताकि टेंपरेचर लिया जा सके. मोबाइल पर नाम और फोटो देखकर सतर्क लाखन को शक हो गया. क्योंकि सुरक्षा एजेंसी और प्रशासन द्वारा कानपुर की घटना को लेकर विकास दुबे के बारे में जानकारी दी गई थी. उसने अखबारों में भी घटना के बारे में पढ़ा था और विकास की फोटो देखी थी.

पहचानते ही विकास दुबे चिल्लाने लगामास्क हटते ही लाखन ने विकास को पहचान लिया और उसे पूछा तुम कौन हो, तब आरोपी चिल्ला कर कहने लगा कि मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला. तत्काल ही एसआईएस के सुरक्षाकर्मी लाखन यादव और सुपरवाइजर मोहित ने उसे पकड़ा और क्विक रिस्पांस टीम को सतर्क कर दिया. घटनास्थल पर चार और सुरक्षाकर्मी थे. तत्काल ही मंदिर परिसर स्थित थाना पुलिस को सूचित किया गया. आरोपी को पकड़कर थाना ले जाया गया जहां पुष्टि हुई कि पकड़ा गया व्यक्ति विकास दुबे ही है. विकास के साथ तीन से चार लोग और भी थे.

65 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं मंदिर परिसर में

मंदिर में एसआईएस सुरक्षा एजेंसी के 65 सुरक्षाकर्मियों की डयूटी है जो अलग-अलग शिफ्ट में काम करते हैं. जिस समय विकास पकड़ा गया वहां पर सुरक्षा एजेंसी के पांच कर्मी थे. 28 वर्षीय सुरक्षाकर्मी लाखन यादव और उसके साथियों से उज्जैन के कलेक्टर आशीष सिंह और एसएसपी संजय सिंह ने अपने कार्यालय में ले जाकर पूछताछ की है.

मंदिर प्रतिदिन 10 हजार लोग दर्शन करते हैं

जानकारी के अनुसार, गुरुवार 9 जुलाई की सुबह 7:30 बजे मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रख्यात महाकालेश्विर मंदिर में लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे थे. प्रशासन द्वारा कोविड -19 के खतरे को देखते हुए एक दिन में 10 हजार लोगों को पास के आधार पर दर्शन की अनु‍मति दी गई है. इन्हें समूह बनाकर दर्शन के लिए अनु‍मति दी जाती है.
कंपनी करेगी सुरक्षाकर्मी को पुरस्कृत

एसआईएस के सुरक्षाकर्मी लाखन यादव की बहादुरी पर एसआईएस के ग्रुप एमडी ऋतुराज सिन्हा काफी खुश हैं. ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि लाखन जैसे लाखों सुरक्षाकर्मी हमारे देश के अलग-अलग प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा मुहैया करा रहे हैं. यह सुरक्षाकर्मी देश की सेवा कर रहे हैं. आज लाखन ने जो कुछ किया वह काबिले तारीफ है. लाखन ने बहादुरी का काम किया है. उसे इस बहादुरी के लिए कंपनी की तरफ से पुरस्कृत किया जाएगा और उसे सम्मानित भी किया जाएगा.



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