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विकास दुबे (Vikas Dubey Encounter) के एनकाउंटर मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई.

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश स्थित कानपुर के बिकरु (Kanpur Bikaru Village) गांव में eight पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey Encounter) के एनकाउंटर मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस  सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के  पूर्व  न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) बीएस चौहान को जांच कमेटी का हिस्सा बनने के लिए संपर्क किया गया था.  जस्टिस चौहान ने सहमति दी है. एसजी मेहता ने पूर्व पुलिस महानिदेशक केएल गुप्ता को भी जांच टीम का हिस्सा बनाने का सझाव दिया. उत्तर प्रदेश सरकार की ओर अदालत में पेश मेहता ने कहा कि पूर्व डीजीपी की के बैकग्राउंड की जांच की गई है.

SG मेहता ने कहा कि  जांच टीम उन परिस्थितियों की जांच करेगा जिसके चलते लगभग 64 आपराधिक मामलों में नामजद होने के बाद भी  विकास दुबे को जमानत या पैरोल पर रिहा किया गया था. हम इसमें राज्य के अधिकारियों द्वारा कार्रवाई ना करने की वजहों का पता भी लगाएंगे. इस पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे ने कहा कि  हम इसे सबसे महत्वपूर्ण कारक मानते हैं.



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