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मामले में अब डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय (Rajeev Upadhyay) ने डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है.

मथुरा. उत्तर प्रदेश में दिन पर दिन अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं. कानपुर कांड (Kanpur Shootout), फिर अपहरण और हत्या उसके बाद गोंडा में अपहरण केस (Gonda Kidnapping Case) के बाद अब नया मामला मथुरा (Mathura) से आया है. यहां असलहे से लैस बदमाशों ने डिप्टी कलेक्टर (Deputy Collector) के आवास पर जाकर धमकी दी है कि समय पूरा हो गया है. जल्दी ही निपटा देंगे. मामले में अब डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय (Rajeev Upadhyay) ने डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. उधर मामले में सदर बाजार थाने में four अज्ञात राइफलधारी और 1 पिस्टल धारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है. पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी है.

रात को आवास पर होमगार्ड को दी धमकी

मामला थाना सदर बाजार इलाके का है. 24 जुलाई को डीएम को लिखे पत्र में डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय ने लिखा है कि अभी रात 9.20 बजे मेरे सरकारी आवास बी-13, ऑफीसर्स कॉलोनी के बाहर फॉच्र्यूनर कार पर सवार होकर four रायफलधारी और एक पिस्टल धारक आए. उन्होंने होमगार्ड विपिन व भूरी सिंह से पूछा कि डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय इसी में रहता है. उसको खबर कर देना कि उसका समय पूरा हो गया है. उसे जल्दी ही निपटा देंगे या समझा दो कि जिला मजिस्ट्रेट के कहने पर दुकानें गिराने, ग्राम सभा व सरकारी संपत्तियों से कब्जे हटाने का काम तुरंत छोड़ दें. वरना खैर नहीं. यह धमकी देकर मेरे आवास से अपनी फॉच्र्यूनर गाड़ी लेकर वे फरार हो गए.

Mathura deputy collector

मथुरा के डिप्टी कलेक्टर का डीएम के नाम पत्र

सिक्योरिटी बढ़ाने की मांग 

पत्र में डिप्टी कलेक्टर ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है. ये पत्र की प्रतिलिपी उन्होंने एसएसपी, मथुरा को भी भेजी है. इस संबंध में डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय ने कहा कि मामले में जिलाधिकारी महोदय ने गनर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है.

भू-माफियाओं की हो सकती है कारस्तानी

उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष four माह के कार्यकाल के दौरान उन्होंने तमाम जमीनों पर से अवैध कब्जे सरकारी निर्देशासनुसार हटाए हैं. इससे तमाम भू-माफियाओं को दर्द हो रहा है. धड़कन बढ़ रही हैं, हो सकता है ये उन्होंने ही ऐसा काम किया हो. हालांकि न तो उनके घर पर कोई सीसीटीवी लगा है, न ही होमगार्ड के पास एंड्रायड मोबाइल है, जिससे उनकी पहचान की सकती. धमकी दिए जाने के समय वह घर में अंदर थे, जब सूचना पर बाहर निकले तब तक अपराधी फरार हो चुके थे.

इनपुट: नितिन कुमार गौतम



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