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मरीज के दामाद प्रवीन की माने तो उसके ससुर विजेन्द्र सिंह (Vijendra Singh) निवासी हथौडावन थाना पटियाली 16 जुलाई को छत से गिर गए थे. गंभीर हालत होने के कारण उनका उपचार चल रहा था.

कासगंज. उत्तर प्रदेश के जनपद कासगंज (Kasganj) में एक सनसनी खेज मामला सामने आया है, जहां निजी अस्पताल में भर्ती एक मरीज को जहरीला इंजेक्शन लगाकर हत्या करने का प्रयास किया गया है. खास बात यह है कि हत्या का प्रयास करने वाले आरोपी मरीज के रिश्तेदार बनकर अस्पताल में आए थे. जानकारी के मुताबिक, रिश्तेदार बनकर आए आरोपियों में से एक ने फर्जी डॉक्टर बनकर आईसीयू (ICU) वार्ड में घुसकर मरीज को जहरीला इंजेक्शन (Poisonous Injection) लगाने की कोशिश की. लेकिन मरीज के परिजनों और अस्पताल स्टाफ की सूझ-बूझ ने अंजाम देने आये कार सवार पांचों आरोपियों के मंसूबे को धरासाई ही नहीं हुए, बल्कि उनमें से दो लगो को पकड़ कर पुलिस के हवाले भी कर दिया. जबकि तीन आरोपी भागने  में सफल रहे. फ़िलहाल अस्पताल संचालक ने पुलिस को तहरीर देकर चार नामजद सहित पांच लोगों के खिलाफ अभियोग दर्ज कराया है. और दो आरोपियों को पुलिस ने गिरप्तार कर लिया है.

अस्पताल में भर्ती मरीज के फ़िल्मी स्टायल में जहरीला इंजेक्शन लगाकर हत्या करने के प्रयास का मामला कोतवाली सदर क्षेत्र के कृष्णा अस्पताल का है. बताया जाता है कि पांच युवक हौंडा इमेज कार संख्या डीएल ओटीसी 0020 में सवार होकर आ थे, जिनमें से दो युवक सीधे आईसीयू वार्ड में पहुंच गए और विजेन्द्र नाम के मरीज की फाइल में मेडिसन चार्ट पर एनाबिन इंजेक्शन पांच एमएल 9ः30 बजे लिख दिया. साथ ही स्वयं मरीज को लगाने लगे. इतने में स्टाफ और मरीज के तीमरदारों ने रोक लिया. साथ ही दोनों लोग गाली गलौज करने लगे. बाद में दोनों का तीमरदार और हाॅस्पीटल स्टाफ ने दो लोगों को दबोच कर पुलिस के हवाले कर दिया. साथ ही उनकी जेबों से चार इंजेक्शन भी बरामद हुए हैं जिन्हे पुलिस के सुपुर्द कर दिये गए. बताया जा रहा है कि इंजेक्शन लगने से मरीज की मौत हो जाती है.

विजेन्द्र सिंह 16 जुलाई को छत से गिर गए थे
वहीं, मरीज के दामाद प्रवीन की माने तो उसके ससुर विजेन्द्र सिंह निवासी हथौडावन थाना पटियाली 16 जुलाई को छत से गिर गए थे. गंभीर हालत होने के कारण उनका उपचार चल रहा था. इसी बीच रिश्तेदार बनकर मौत का जहरीला इंजेक्शन लगाने आये दोनों व्यक्तियों को पकड़ लिया. गिरफ्त में आये युवकों ने अपना नाम प्रमोद और तथाकथित डाॅ. शांतुनु चौधरी  निवासी अमांपुर बताया है, जबकि हरिओम चौधरी  और अरूण कुमार उर्फ रवि सहित एक अन्य व्यक्ति अपने आपको घिरता देखकर फरार हो गए. फ़िलहाल, पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों सहित तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है.



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