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इन मुस्लिम महिलाओं (Muslim girls) का कहना है कि पांच सौ साल बाद राम मंदिर का भव्य निर्माण होने जा रहा है. रामलला को टेंट से मुक्ति मिली है.

मेरठ. राम नाम से सजी हुई इन राखियों (Rakhis) को मेरठ (Meerut) की शाहीन परवेज, रेशमा, नीलम और शबनम फरहीन फरजाना ने मिलकर बनाई है. इस अनूठी राखी में हर दिशा में राम नाम ही लिखा हुआ है. बीच में एक मोरपंख बना हुआ है. राखी के उत्तर, दक्षिण, पूरब पश्चिम हिस्से में बस एक ही नाम लिखा है राम. इन महिलाओं का कहना है कि इस राखी को आस्था के साथ बनाई है. इन महिलाओं का कहना है कि पांच अगस्त को श्री राम मंदिर निर्माण (Shri Ram Temple Construction) की नींव रखी जानी है. इसलिए उन्होंने ये राखी अपने रामलला के लिए तैयार किया है. मुस्लिम महिलाओं (Muslim girls) का कहना है कि पांच सौ साल बाद राम मंदिर का भव्य निर्माण होने जा रहा है. रामलला को टेंट से मुक्ति मिली है.

इन मुस्लिम महिलाओं का कहना है कि उन्होंने श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए कसम ख़ुदा की खाएंगे मंदिर श्रीराम जन्म स्थान पर बनवाएंगे का नारा भी लगाया था. महिलाओं का कहना है कि उपरवाले ने उनकी दुआ कबूल कर ली है. शाहीन परवेज का कहना है कि उन्हें श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर दिल से खुशी है. और उन्होंने ये राखी दिल के तारों से पिरोई है. इस राखी के साथ इन मुस्लिम महिलाओं ने भारत माता का जयकारा भी लगाया.

रामलला 130 करोड़ भारतीयों के दिल में बसते हैं 
शाहीन का कहना है कि रामलला 130 करोड़ भारतीयों के दिल में बसते हैं. उसने कहा कि वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों, आरएसएस के डॉक्टर इंद्रेश कुमार और फौजी भाईयों को भी राखी भेजेंगी. उनका कहना है कि ये राखी खुद लेकर जाने का प्लान था लेकिन कोरोनाकाल में ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है. ऐसे में डाक के ज़रिए ये राखी वो भेज रही हैं. वाघा बॉर्डर पर बीएसएफ और पुलिस के जवानों के लिए भी राखी तैयार की गई है. शाहीन परवेज मुस्लिम राष्ट्रीय मंच महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय संयोजिका भी हैं.



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