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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मऊ (Mau) जिले के मधुबन तहसील के देवारा क्षेत्र में घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ व कटान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है.

मऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मऊ (Mau) जिले के मधुबन तहसील के देवारा क्षेत्र में घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ व कटान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसके चलते बाढ़ प्रभावित गांवों व पुरवों के लोगों की अब दुश्वारियां बढ़ने लगी है. बाढ़ से बर्बाद फसलों के साथ पशुओं के चारे की समस्या लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है. देवारा क्षेत्र के चक्कीमुसाडोही, बिंदटोलिया के साथ दुबारी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले देवरांचल के विसुन का पुरा, नंदजी का पुरा, बिन्दर का पुरा, बैरिकंटा, भगत का पुरा, धूस, खैरा देवारा का आंशिक हिस्सा चारो तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है. लोगों को आने-जाने का साधन मात्र नाव ही है.

बाढ़ के साथ कटान होने से बिंदटोलिया गांव का आस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है. वहीं नदी का कटान खैरा देवारा की आबादी की तरफ बढ़ने से लोगों की नीदें हराम हो गई हैं. बाढ़ पीड़ितों ने प्रधान से नाव की संख्या बढ़ाने की मांग की है. घाघरा की उफनती लहरें धान व गन्ने की फसलों को पूरी तरह बर्वाद करके रख दिया है. जलस्तर में बढ़ाव की गति धिमि नहीं हुई तो लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.

मदद का आश्वासन
ग्राम पंचायत दुबारी के नंदजी का पुरा, विसुन का पुरा, बैरकंटा, भगत का पुरा, बिन्दर का पुरा, खैरा देवारा, धूस आदि बाढ़ प्रभावित पुरवों में लेखपाल अशोक सिंह व प्रधान रंजना सिंह ने नाव से पहुंचकर लोगों की समस्या सुनी और जिला व तहसील प्रशासन से हर सम्भव सहयोग दिलाने के लिए बाढ़ पीड़ितों को आश्वासन दिया. बाढ़ व कटान के रूप में प्राकृतिक आपदा से निबटने के लिए प्रधान रंजना सिंह ने बाढ़ पीड़ितों को हर सम्भव शासन, जिला व तहसील प्रशासन से मदद दिलाने का आश्वासन दिया. बाढ़ से बर्बाद फसलों के साथ पशुओं के चारे की समस्या से बाढ़ पीड़ितों के लिए परेशानी बनी हुई है.



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