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COVID-19 से जंग जीतकर लौटने वाले कई मरीज इसे आयुर्वेद या योग का चमत्कार मान रहे हैं तो कुछ लोगों का मानना है कि हॉस्पिटल में मिले इलाज से उन्हें बीमारी से निजात पाने में मदद मिली.

देहरादून. कोरोना वायरस (Coronavirus) का खौफ लोगों को मेंटल स्ट्रेस दे रहा है. लेकिन इस बीमारी से जंग जीतकर लौटे मरीज खुद में पॉजिटिव बदलाव पा रहे हैं. किसी को लगता है कि उसके पुराने नजला-खांसी जैसे रोग ठीक हो चुके हैं तो कोई इसे आयुर्वेद (Ayurveda) का चमत्कार मान रहा है. देहरादून (Dehradun) में स्थिति ये है कि कोरोना से जंग जीत कर आये लोग खुद में पॉजिटिव बदलाव पा रहे है. 60 साल के उदयवीर तो कहते है कि उन्हें लगता है वो 20 साल जैसे यंग हैं. और ये कमाल अच्छे खान-पान की बदौलत है. हॉस्पिटल में जो काढ़ा और आयुर्वेदिक दवाइयों का उन्होंने सेवन किया, उससे उनके पुराने हाथ-पैरों के दर्द भी चले गए.

वहीं, कोरोना से जंग जीतकर आए कैबिनेट मंत्री सतपाल महराज (Satpal Maharaj) भी मानते हैं कि उनकी बॉडी में भी उन्हें कायाकल्प लग रहा है. कोरोना वॉरियर सुदर्शन शर्मा कहते हैं कि उन्हें हॉस्पिटल में पॉजिटिव रहने से काफी हिम्मत मिली. उनको जल्दी थकावट लगती थी. लेकिन नियमित योग, फलों और सब्जियों के सेवन और हल्दी वाले दूध को उन्होंने नियमित आहार में शामिल किया है. इससे अब वे पहले से भी ज्यादा स्वस्थ हो गए हैं.

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CMO बोले- ऐसे मैसेज अच्छा संकेतवहीं, मेडिकल साइंस में भी माना जाता है कि किसी गंभीर बीमारी के बाद ठीक होने में इंसान को बॉडी रीजेनुवेट सी लगती है. डॉक्टर बीसी रमोला, सीएमओ देहरादून का कहना है कि लोग ऐसे मैसेज दे रहे हैं तो ये अच्छे संकेत हैं. सही खान- पान और तनाव से दूर रहने से हमें सकारात्मक का एहसास होता है. तो ऐसे में एक बात तो साफ है कि अच्छा खान पान और पॉजिटिव एटीट्यूड हर बीमारी से लड़ने की ताकत देता है. फिर चाहे वह शारीरिक तौर पर हो या फिर साइकोलॉजिकली.



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