[ad_1]

पुलिस चाहती है कि जो भी लोग गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) का गुपचुप तरीके से साथ देते थे. उनके बारे में जानकारी दी जाए. जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा.

कानपुर. उत्तर प्रदेश के मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दुबे (Vikas Dubey) को यूपी एसटीएफ ने मार गिराया है. उधर, विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद बिकरू गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. विकास दुबे के गांव में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को तैनात किया गया है. वहीं बिकरू गांव में पुलिसवालों ने गांववालों को समझाने का काम शुरू किया है. कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिकरू गांव में क्षेत्राधिकारी ट्रैफिक द्वारा ग्रामीणों के साथ एक चौपाल लगाई गई. इस चौपाल के माध्यम से उन्होंने ग्रामीणों को निडरता के साथ रहने का संदेश दिया. पुलिस ने कहा की गांव में आतंक का पर्याय बन्ना विकास दुबे ढेर हो गया है .और उस की काली कमाई से बनी सल्तनत भी खत्म हो चुकी है. एक भी ग्रामीणों को अब डरने की आवश्यकता नहीं है.

पुलिस चाहती है कि जो भी लोग गैंगस्टर विकास दुबे का गुपचुप तरीके से साथ देते थे. उनके बारे में जानकारी दी जाए. जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा. किसी को भी कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी. हम भरोसा देते हैं कि हर मौके पर पुलिस आपका साथ देंगे.

कौन था विकास दुबे
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे साल 2001 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी था. साल 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कलेज के सहायक प्रबंधक सिद्घेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास दुबे का नाम आया था. कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र में ही साल 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास दुबे पर जेल के भीतर रहकर साजिश रचने का आरोप था.जौनपुर भदेठी कांड के मुख्य आरोपी सपा नेता जावेद सिद्दीक़ी पर लगा NSA

साल 2004 में केबल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपी था. 2001 में कानपुर देहात के शिवली थाने के अंदर घुसकर इंस्पेक्टर रूम में बैठे तत्कालीन श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमैन, राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त बीजेपी नेता संतोष शुक्ल को गोलियों से भून दिया था. कोई गवाह न मिलने के कारण केस से बरी हो गया था.

उज्‍जैन से गिरफ्तार हुआ था विकास दुबे

बता दें कि 2 जुलाई की रात विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर हमला किया था. इस हमले में क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. इस घटना के बाद विकास दुबे अपने गुर्गों के साथ फरार हो गया था. 9 जुलाई को ही उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से विकास दुबे को पकड़ लिया गया. उसे कानपुर पुलिस और एसटीएफ की टीम कानपुर ला रही थी, तभी गाड़ी पलट गई और विकास दुबे हथियार छीनकर भागने लगा. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में विकास दुबे भी मारा गया है.



[ad_2]

Source