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भोजपुर के एसपी सुशील कुमार ने कोरोनावायरस से जंग जीतने के बाद जब ड्यूटी ज्वाइन किया तो अपने अनुभव को उन्होंने फेसबुक पर साझा किया है. सुशील कुमार का मानना है कि इस बीमारी से पैनिक होने की जरूरत नहीं है

पटना. बिहार में कोरोना (Corona In Bihar) का कहर लगातार जारी है. कोरोना के मरीजों की संख्या जहां 18 हजार के पार हो चुकी है वही डेढ़ सौ से अधिक लोगों ने दम तोड़ दिया है. इस बीमारी ने कई वीआईपी लोगों को भी अपनी चपेट में लिया है जिसमें सांसद से लेकर मंत्री-विधायक और आईएएस, आईपीएस अधिकारी तक शामिल हैं. कोरोना से बीमार होने वाले कई लोगों ने जिंदगी की जंग जीती है, जिनमें बिहार के आईपीएस सुशील कुमार (IPS Sushil Kumar) का भी नाम है.

भोजपुर के एसपी (Bhojpur SP) सुशील कुमार ने कोरोनावायरस से जंग जीतने के बाद जब ड्यूटी ज्वाइन किया तो अपने अनुभव को उन्होंने फेसबुक पर साझा किया है. सुशील कुमार का मानना है कि इस बीमारी से पैनिक होने की जरूरत नहीं है बल्कि इसका मुकाबला करने की आवश्यकता है. सुशील कुमार के साथ-साथ उनकी बेटी को भी कोरोना हुआ था, लेकिन दोनों ने होम आइसोलेशन में ही खुद को रखते हुए इस बीमारी को मात दी. सुशील कुमार ने फेसबुक पर लिखा है..

मालूम हो कि इस बीमारी के कारण जहां भोजपुर में चार लोगों की मौत हो चुकी है तो वहीं पूरे प्रदेश में भी इस बीमारी की चपेट में आने वाले लोगों की मौत का आंकड़ा 150 से उपर हो गया है. भोजपुर के एसपी सुशील कुमार लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, यही कारण है कि उनके बीमार होने के बाद से ही लोगों में मायूसी छा गई थी लेकिन जब वो कोरोना सें जंग जीतकर काम पर वापस लौटे तो लोगों के बधाई देने का सिलसिला चल पड़ा. भोजपुर में पिछले दो दिनों में इस बीमारी से इनकम टैक्स के मशहूर वकील सुनील कुमार सिंह, एक प्रोफेसर के पुत्र समेत व्यवसायी ने भी कोरोना से दम तोड़ा है, ऐसे में एसपी की इस आपबीती को कोरोना से जारी जंग में मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है.



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