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नेपाल के तराई क्षेत्र और उत्तर-पूर्वी बिहार में बसे जिलों जिनमें सुपौल, अररिया, सहरसा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, मधेपुरा, सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, और कटिहार शामिल हैं में मूसलाधार बारिश के साथ ही आकाशीय बिजली भी गिर सकती है.

पटना. बाढ़ और कोरोना (Corona Epidemic) की मार झेल रहे बिहार में अगले 72 घंटों के दौरान कई इलाकों में बारिश और वज्रपात (Bihar Weather Forecast) हो सकती है. इसको लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है उनमें उत्तर बिहार और नेपाल से सटे 11 जिले शामिल हैं. नेपाल के तराई क्षेत्र और उत्तर-पूर्वी बिहार में बसे जिलों जिनमें सुपौल, अररिया, सहरसा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, मधेपुरा, सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, और कटिहार में मूसलाधार बारिश के साथ ही आकाशीय बिजली भी गिर सकती है.

सावधानी बरतने की अपील

मौसम विभाग ने लोगों से बारिश और वज्रपात को लेकर सावधानी और सुरक्षा बरतने की अपील की है. मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक पिछले 24 घंटे में उत्तर बिहार के कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश भी हुई है. किशनगंज और सुपौल में भारी बारिश से जनजीवन पर असर पड़ा है. मौसम विभाग ने लोगों से वज्रपात से बचने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के इंद्र वज्र मोबाइल ऐप की मदद लेने की भी अपील की है.

कई जिलों में जारी है बाढ़ का कहरदरअसल इस ऐप से किसी को भी जगह पर जहां ठनका गिरना है घटना के 20 मिनट पूर्व ही स्थल की जानकारी मिल सकती है. मालूम हो कि कोरोना और बाढ़ का कहर बिहार पर एक साथ बरप रहा है. उत्तर बिहार के अधिकांश जिले जहां बाढ़ की विभिषिका झेल रहा है वहीं पूरे बिहार में भी कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और हालात बेकाबू हो रहे हैं. नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण बिहार की कई नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई थी और देखते ही देखते कई जिले बाढ़ से डूब गए. उत्तर बिहार की कई नदियों में अभी भी उफान वाली स्थिति बनी हुई है.



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