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जिन लोगों को पुलिस की रिमांड (Police Remand) मिली है उसमें एसओ विनय तिवारी,(Vinay Tiwari) बीट इंचार्ज केके शर्मा और सिपाही राजीव चौधरी के अलावा एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे के पिता, 25 हजार का इनामिया जहान सिंह और नौकरानी शामिल हैं.

कानपुर. आठ पुलिसकर्मियों की शहादत के मामले में मुखबिरी करने और कायरता दिखाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए चौबेपुर थाने के पूर्व एसओ विनय तिवारी (SO Vinay Tiwari), बीट इंचार्ज केके शर्मा (KK Sharma) समेत सात आरोपियों को बुधवार देर रात माती कोर्ट में पेश किया गया. जहां से सभी को 14 दिन की रिमांड (Remand) पर जेल भेज दिया गया. आईजी मोहित अग्रवाल और एसएसपी दिनेश कुमार पी गिरफ्तारी व रिमांड की पुष्टि की है.

जिन लोगों को पुलिस की रिमांड मिली है उसमें एसओ विनय तिवारी, बीट इंचार्ज केके शर्मा और सिपाही राजीव चौधरी के अलावा एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे के पिता, 25 हजार का इनामिया जहान सिंह और नौकरानी शामिल हैं.

बता दें कानपुर मुठभेड़ के समय पुलिस टीम की जान खतरे में डालने और मौके से फरार होने के साथ ही अपराधी विकास दुबे से संबंध में पुलिसवालों की गिरफ्तारी हुई है. आरोप है कि चौकी इंचार्ज केके शर्मा ने दबिश थी जानकारी लीक की थी. केके शर्मा मामले के विवेचक थे और दबिश पर नहीं गए. केके शर्मा को मालूम था कि खूनी खेल होने वाला है. वहीं सिपाही राजीव ने विकास के मंसूबों के बारे में एसओ विनय तिवारी को बता दिया था. जानकारी होने के बाद भी एसओ विनय तिवारी ने किसी को अलर्ट नहीं किया.

विनय तिवारी की भूमिका मिली संदिग्धदरअसल, अब तक की जांच में एसओ विनय तिवारी की भूमिका संदिग्ध मिली है. साथ ही यह बात भी साफ हो रही है कि उन्होंने 2/three जुलाई की रात विकास दुबे के घर पर दबिश देने जा रही पुलिस टीम (Police Team) की इनफार्मेशन लीक की थी. पुलिस की ही मुखबिरी के बाद विकास दुबे ने अपने हथियारबंद गुर्गों के साथ मिलकर आठ पुलिसवालों को मौत के घाट उतार दिया था. बता दें इस मामले में एसओ विनय तिवारी, दरोगा कुंवर पाल, केके शर्मा और सिपाही राजीव चौधरी पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं. इतना ही नहीं एसएसपी ने पूरे थाने के बाकी 68 स्टाफ को भी लाइन हाजिर कर दिया है. सभी के खिलाफ जांच जारी है. अब चौबेपुर थाने में 55 नए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है.



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