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रुद्रपुर (Rudrapur) निवासी पूनम को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई. इसके बाद परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां से उसका पहले से ही इलाज चल रहा था. पर डॉक्टरों ने ऐन मौके पर ऑपरेशन की जरूरत बताते हुए हल्द्वानी के लिए रेफर कर दिया.

  • Last Updated:
    July 28, 2020, 11:08 AM IST

नैनीताल. उत्तराखंड के नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जिले में सोमवार को दो बच्चों का जन्म अपने आप में खास बन गया, क्योंकि दोनों बच्चों का जन्म चलती एम्बुलेंस में हुआ. पहला मामला नैनीताल के ओखलकांडा है, जबकि दूसरा मामला रुद्रपुर से हल्द्वानी रेफर की गई गर्भवती से जुड़ा हुआ है. दोनों महिलाएं प्रसव पीड़ा के कारण हायर सेंटर रेफर की गई थीं. लेकिन रास्ते में ही दोनों ने स्वस्थ्य बच्चों को जन्म दे दिया. सोमवार को 108 एम्बुलेंस ओखलकांडा ब्लॉक के अधौड़ा गांव से गर्भवती उषा देवी को लेकर अस्पताल आ रही थी. लेकिन तभी उषा को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी, जिस पर ईमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) वैशाली आर्या ने उषा की मदद की. तकरीबन आधे घंटे की जद्दोजहद के बाद उषा ने स्वस्थ्य बेटे को जन्म दिया.

हल्द्वानी रेफर की गई महिला ने दिया बच्चे को जन्म 
रुद्रपुर निवासी पूनम को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई. इसके बाद परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां से उसका पहले से ही इलाज चल रहा था. पर डॉक्टरों ने ऐन मौके पर ऑपरेशन की जरूरत बताते हुए हल्द्वानी के लिए रेफर कर दिया. पूनम इस दौरान दर्द से कराहती रही. डरे हुए परिजन पूनम को लेकर एम्बुलेंस के जरिए हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल निकले. लेकिन हल्द्वानी में सुशीला तिवारी अस्पताल तक पहुंचने से पहले ही पूनम ने एम्बुलेंस में स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दे दिया. सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने तुरंत पूनम और नवजात को अस्पताल में भर्ती किया.

मां- बच्चा दोनों ही पूरी तरह से स्वस्थ हैंअस्पताल के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि मां- बच्चा दोनों ही पूरी तरह से स्वस्थ हैं. हालांकि, महिला की सामान्य डिलीवरी के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह कि क्या ऊधम सिंह नगर के जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टरों ने बिना जांच के ही महिला को रेफर कर दिया, क्योंकि अस्पताल से निकलने के 10 मिनट बाद ही महिला की सामान्य डिलीवरी हो गई, जिससे अस्पताल के डॉक्टरों पर बहानेबाजी करने का आरोप लग रहा है. इससे पहले भी जिला अस्पताल के डॉक्टर इस तरह की लापरवाही करते रहे हैं.



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