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सीबीआई कोर्ट (CBI Court) में मंगलवार को बाबरी विध्वंस केस में अंतिम आरोपी शिवसेना (Shivsena) के पूर्व सांसद सतीश प्रधान (Former MP Satishh Pradhan) के बयान दर्ज हुए. ब मामले में 30 जुलाई से बचाव पक्ष अपनी सफाई पेश करेगा.

लखनऊ. अयोध्या (Ayodhya) के बाबरी विध्वंस केस (Babri Demolition Case) में आरोपियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है. मंगलवार को सीबीआई कोर्ट (CBI Court) में मामले में अंतिम आरोपी शिवसेना (Shivsena) के पूर्व सांसद सतीश प्रधान (Former MP Satishh Pradhan) के बयान दर्ज हुए. वीडियो कांफ्रेंसिंग से सतीश प्रधान के बयान कोर्ट में दर्ज किए गए. सीआरपीसी 313 के तहत ये बयान दर्ज हुए. अब मामले में 30 जुलाई से बचाव पक्ष अपनी सफाई पेश करेगा.

एक आरोपी फरार

बता दें इस मामले में एक आरोपी ओमप्रकाश पांडे के फ़रार घोषित होने के कारण उन्हें छोड़कर सभी आरोपियों के बयान दर्ज हो चुके हैं. इससे पहले वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani), मुरली मनोहर जोशी (Murli Manohar Joshi) सहित सभी आरोपियों के बयान दर्ज किए गए.

आडवाणी ने कहा- मैं निर्दोष हूं

बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सीबीआई के सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया. उन्होंने अपने बयान में कहा, ‘मैं निर्दोष हूं. मैं किसी भी घटना में शामिल नहीं था.’ कोर्ट में बयान दर्ज कराते हुए आडवाणी ने कहा कि तत्कालीन केंद्र सरकार के इशारे पर मुझे साजिशन फंसाया गया है.

मुरली मनोहर जोशी बोले- मौके पर मौजूद नहीं थे

इससे पहले गुरुवार को सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष भाजपा के दिग्‍गज नेता मुरली मनोहर जोशी (Murali Manohar Joshi) ने दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज कराया था. उन्होंने कोर्ट से खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि घटना के वक्त वह मौके पर मौजूद नहीं थे. यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है और मुझे फर्जी तरीके से फंसाया गया है. इसके अलावा जोशी ने सीबीआई के सभी आरोपों को सिरे से नकाराते हुए गवाहों के बयान को भी झूठा बताया है.

वीडियो कैसेट से छेड़छाड़ का आरोप

मुरली मनोहर जोशी ने कोर्ट से कहा कि सबूत के तौर पर पेश वीडियो कैसेट से छेड़छाड़ हुई है, जबकि योजना के तहत कैसेट को जांच में शामिल किया गया है. इसके अलावा उन्‍होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद कल्याण सिंह राम जन्मभूमि स्थल गए थे और उन्‍होंने वहां मंदिर निर्माण का संकल्प नहीं दोहराया था. वहीं, जोशी ने उस वक्त के समाचार पत्रों की खबरों का भी खंडन किया. उन्होंने कोर्ट से कहा कि वह अपनी बेगुनाही के सबूत समय आने पर पेश करेंगे.

इनपुट: ऋषभ मणि त्रिपाठी



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