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मायावती (Mayawati) ने लिखा कि मा. कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के तहत ही आज यहां राम-मंदिर निर्माण (Ram Mandir Nirman) की नींव रखी जा रही है, जिसका काफी कुछ श्रेय मा. सुप्रीम कोर्ट को ही जाता है.

लखनऊ. अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर भूमि पूजन (Ram Mandir Bhumi Poojan) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) दिल्ली से रवाना हो चुके हैं. उनके स्वागत के लिए लखनऊ से लेकर अयोध्या में नेताओं की फौज खड़ी है. इस भूमि पूजन के लिए पूरे देश में अधिकतर नेता और गणमान्य लोग शुभकामनाएं दे रहे हैं. इसी बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्विटर पर लिख कि अयोध्या विभिन्न धर्मों की पवित्र नगरी व स्थली है. लेकिन दुःख की बात यह है कि यह स्थल राम-मन्दिर व बाबरी-मस्जिद जमीन विवाद को लेकर काफी वर्षों तक विवादों में भी रहा है.

बसपा सुप्रीमो ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘जैसा कि सर्वविदित है कि अयोध्या विभिन्न धर्मों की पवित्र नगरी व स्थली है. लेकिन दुःख की बात यह है कि यह स्थल राम-मन्दिर व बाबरी-मस्जिद जमीन विवाद को लेकर काफी वर्षों तक विवादों में भी रहा है. लेकिन इसका माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अन्त किया. साथ ही, इसकी आड़ में राजनीति कर रही पार्टियों पर भी काफी कुछ विराम लगाया.’

मायावती ने लिखा कि मा. कोर्ट के फैसले के तहत ही आज यहां राम-मंदिर निर्माण की नींव रखी जा रही है, जिसका काफी कुछ श्रेय मा. सुप्रीम कोर्ट को ही जाता है. जबकि इस मामले में बसपा का शुरू से ही यह कहना रहा है कि इस प्रकरण को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट, जो भी फैसला देगा, उसे हमारी पार्टी स्वीकार करेगी. जिसे अब सभी को भी स्वीकार कर लेना चाहिए. बसपा की यही सलाह है.

वहीं अखिलेश यादव ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि जय महादेव जय सिया-राम, जय राधे-कृष्ण जय हनुमान… भगवान शिव के कल्याण, श्रीराम के अभयत्व व श्रीकृष्ण के उन्मुक्त भाव से सब परिपूर्ण रहें! आशा है वर्तमान व भविष्य की पीढ़ियां भी मर्यादा पुरूषोत्तम के दिखाए मार्ग के अनुरूप सच्चे मन से सबकी भलाई व शांति के लिए मर्यादा का पालन करेंगी. बता दें अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए आज भूमि पूजन होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन के बाद मंदिर निर्माण के लिए पहली ईंट रखेंगे. इस कार्यक्रम के लिए 175 प्रतिष्ठित अतिथियों को आमंत्रित किया गया है.



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