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बाबरी (Babri Masjid) पक्षकार इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और राम मंदिर की आधारशिला रखने अयोध्या रहे हैं तो ऐसे में हम उनका स्वागत करेंगे.

अयोध्या. राम मंदिर निर्माण (Ram Mandir) के भूमि पूजन पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं. 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के हाथों भूमि पूजन होना है और उसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. उधर, बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) के मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) को आमंत्रण मिला हैं. राम मंदिर की नींव रखने की रस्म में शामिल होने का निमंत्रण मिलते ही उन्होंने कहा कि मेरा मानना ​​है कि यह भगवान राम की इच्छा थी कि मुझे पहला निमंत्रण मिले, मैं इसे स्वीकार करता हूं.

बाबरी पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और राम मंदिर की आधारशिला रखने अयोध्या रहे हैं तो ऐसे में हम उनका स्वागत करेंगे. उन्हें राम नाम वस्त्र के साथ हिंदुओं के पवित्र ग्रंथ रामचरितमानस की किताब भेंट करेंगे.

बता दें कि पिता हाशिम अंसारी के बाद मो. इकबाल ने अदालत में मस्जिद की पैरोकारी की, लेकिन उनके दिल में हमेशा रामलला का सम्मान रहा. 2010 में हाईकोर्ट का निर्णय आने के पूर्व मंदिर-मस्जिद रार चरम पर थी, तब हाशिम ने सीना ठोंक कर कहा कि वे कोर्ट का हर निर्णय मानेंगे. भले ही फैसला रामलला के हक में आये. सौहार्द और एकता का संदेश
इससे पहले इकबाल अंसारी का कहना है कि ये जमीन उनके घर के सामने दिए जाने से पूरे देश में एक सौहार्द और एकता का संदेश जाएगा. इकबाल अंसारी ने कहा कि इस जमीन पर वह एक महिला हॉस्पिटल बनाएंगे और बच्चों को शिक्षा देने के लिए स्कूल बनाएंगे इसके साथ ही पास में ही स्थित बिजली शहीद की मजार और मस्जिद को ही विस्तार देकर उसे भव्य बनाएंगे. न्यूज़ 18 हिंदी से बातचीत में इकबाल अंसारी का कहना है कि राम जन्म भूमि मामले पर जो भी मसला था उस पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने जो भी जमीन दी है वह भी चिन्हित नहीं है ऐसे में हमारी यह मांग है कि राम मंदिर बने और मंदिर के साथ ही मस्जिद का भी निर्माण किया जाए.



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