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कांग्रेस महासचिव (Congress General Secretary) ने लिखा, ‘आज उसका नतीजा है कि यूपी में अपराधी बेलगाम हैं. उनको सत्ता का संरक्षण है, कानून व्यवस्था उनके सामने नतमस्तक है.’

लखनऊ. कानपुर (Kanpur) के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) की तलाश जारी है. वहीं अब विपक्षी पार्टियां भी लगातार सरकार को निशाने पर ले रही हैं. इसी क्रम में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मंगलवार को एक बार फिर उन्होंने कानून व्यवस्था के मसले पर यूपी सरकार को घेरा. प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा, ‘देश में हत्याओं के आंकड़ें देखें तो यूपी पिछले 3 सालों से लगातार टॉप पर रहा है. हर दिन औसतन 12 हत्या के मामले आते हैं. 2016-2018 के बीच में बच्चों पर होने वाले अपराध यूपी में 24% बढ़ गए. यूपी के गृह विभाग और सीएम ने इन आंकड़ों पर पर्दा डालने के अलावा किया ही क्या है?’

कांग्रेस महासचिव ने आगे लिखा, ‘आज उसका नतीजा है कि यूपी में अपराधी बेलगाम हैं. उनको सत्ता का संरक्षण है, कानून व्यवस्था उनके सामने नतमस्तक है. कीमत हमारे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी व जवान चुका रहे हैं.’ इससे पहले योगी सरकार (Yogi Government) के सहयोगी रह चुके पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर (Omprakash Rajbhar) ने सीएम योगी (CM Yogi Adityanath) से इस्तीफे की मांग की है. राजभर ने ट्वीट कर कहा है कि योगी जी को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए और इस मामले में केंद्र सरकार को सीबीआई जांच करानी चाहिए.

लखनऊ पहुंचे आप सांसद संजय सिंह ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि विकास दुबे पर 60 मुकदमे थे और वो ढाई साल से बाहर घूम रहा था, आखिर उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? इसकी हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच होनी चाहिए, जिससे खुलासा हो सके हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को किसका राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था?

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उधर, सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार चल रहे मुख्य आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) पर अब इनाम की राशि बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर दी गई है. बता दें इस बड़े हत्याकांड को अंजाम देकर फरार चल रहे विकास दुबे की गिरफ्तारी पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. 40 थानों की फोर्स, एक हजार से अधिक दरोगा, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीम उसकी चप्पे-चप्पे पर तलाश कर रही है. बावजूद उसके 72 घंटे से ज्यादा का वक्त गुजरने के बाद भी विकास दुबे और उसके गुर्गे पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं


Published by:
naveen lal suri


First printed:
July 7, 2020, 3:37 PM IST



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