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देहरादून के 88 लोगों से 60 से 80 लाख रुपये तक बिल्डर्स (Builders) ने ले लिये. लेकिन चार साल बीतने के बावजूद इन्हें फ्लैट्स (Flats) नहीं दिया गया है. इस बीच एक बिल्डर विदेश भाग गया.

देहरादून. उत्तराखंड राज्य बनने के बाद देहरादून (Dehradun) में भूमाफियों ने जमकर चांदी काटी. जबकि पहले भूमाफिया और अब बिल्डरों (Builders) से लोग परेशान हैं. लोकलुभावन स्कीम के जरिये घर देने की बात कर ये बिल्डर जनता की खून पसीने की कमाई को उड़ा ले जाते हैं. देहरादून के 88 लोगों (Victims) के साथ ऐसा ही हुआ है. इन लोगों ने करीब 60 से 80 लाख रुपये पुष्पांजलि बिल्डर्स (Pushpanjali Builders) को थमा दिए, लेकिन पार्टनर्स में हुए विवाद से अब ये लोग परेशान हैं. आलम ये है कि प्रोजेक्ट का एक मालिक दीपक मित्तल देश छोड़कर भाग गया है. वहीं दूसरे मालिक पर कार्रवाई नहीं होने से लोग ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.

four साल से फ्लैट मिलने का इंतजार

देहरादून की रहने वाली कविता शर्मा ने पुष्पांजलि में साल 2016 में अपना फ्लैट बुक कराया था. इसके लिए कविता ने करीब 58 लाख रुपये जमा कराये. लेकिन अब वह परेशान हैं, क्योंकि फ्लैट के लिए बैंक से लोन भी ले लिया, पर न फ्लैट मिला और न ही अब उस पैसा का कोई ठिकाना है. कविता का कहना है कि पुष्पांजलि का एक मालिक विदेश भाग गया और दूसरे पर पुलिस कार्रवाई भी नहीं कर रही है. कविता की तरह परेशान ईरा चौहान का भी कहना है कि उसने प्लैट के लिए करीब 60 लाख रुपये जमा कराये. वादा के मुताबिक उसको साल 2019 में फ्लैट मिलना चाहिए था. लेकिन अभी तक नहीं मिला है.

एसआईटी ने की थी कार्रवाईदेहरादून में ये पहला मौका नहीं है, जब बिल्डरों और भूमाफियों ने जनता को ठगा हो. इससे पहले भी कई मामले देखने को मिले हैं. इन मामलों की जांच के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया था. एसआईटी ने कार्रवाई भी की थी.

पुलिस ने दर्ज किया केस

वहीं पुष्पांजलि बिल्डर्स के मामले में डीआईजी अरुण मोहन जोशी का कहना है कि मामले की गम्भीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है. जल्द से जल्द पीड़ितों को पैसे वापस दिलाने की कोशिश होगी. वहीं फ्रॉड करने वालों को जेल भेजा जाएगा.



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