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पूर्वी चंपारण से नरकटिया के राजद विधायक डॉ. शमीम अहमद ने दुधौरा के प्रभावित गांवों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने और बाढ़ राहत मुहैया कराने की मांग की है.

मोतिहारी. बिहार में बाढ़ (Bihar Flood) ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है. पूर्वी चंपारण (East Champaran) जिला और नेपाल के तराई इलाके में हो रही बारिश से जिले से होकर बहने वाली नदियों के तटबंधों पर दबाब बढ़ने लगा है लिहाजा जिले के छौड़ादानो में दुधौरा नदी का जमींदारी बांध पानी का दबाब नहीं झेल पाया और नरकटिया के पास बांध टूट गया. इसके अलावा सुगौली प्रखंड में तिलावे नदी का तटबंध श्रीखंडी के पास टूट गया जिससे दोनों प्रखंडों के सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई है.

तेज है पहाड़ी नदियों की धार

छौड़ादानो प्रखंड से होकर बहने वाली दुधौरा नदी में बंगरी और पसहा नदी का पानी आता है. तीनों पहाड़ी नदियां हैं और उनकी धार काफी तेज होती है. दुधौरा नदी पर बना जमींदारी बांध पानी का दबाब बर्दाश्त नहीं कर सका और नरकटिया पंचायत के पास टूट गया, लिहाजा कई एकड़ खेत में पानी फैल गया. पानी अब लोगों के घरों में प्रवेश करने लगा है.

कई इलाके हैं प्रभावितदुधौरा नदी का तटबंध टूटने से छौड़ादानो प्रखंड के भतनहिया,नरकटिया, पुरैनिया और रामपुर समेत कई पंचायतें प्रभावित हैं. नरकटिया के राजद विधायक डॉ. शमीम अहमद ने दुधौरा के बाढ़ प्रभावित गांवों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने और बाढ़ राहत मुहैया कराने की मांग की है. विधायक ने कहा कि बांध की मरम्मती और पुनर्निर्माण में करोड़ों रुपये का घपला हुआ है, जिसे बाढ़ ने उजागर कर दिया है.

दहशत में लोग

इधर सुगौली प्रखंड से होकर बहने वाली तिलावे नदी पर बना तटबंध श्रीखंडी के पास टूट गया है जिस कारण कई पंचायतों में तिलावे नदी का पानी फैल गया है. पानी का फैलाव अभी खेतों में ज्यादा हुआ है जिससे कई एकड़ की फसल डूब गई है. पानी के लगातार बढ़ने के कारण लोगों में दहशत है.



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