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शातिर हिस्ट्रीशीटर अपराधी राकेश पांडेय उर्फ हनुमान पांडेय की पत्नी सरोजलता पांडेय ने तथ्यों को छुपाकर डीबीबीएल गन का लाइसेंस 2005 में ले लिया था. उसने अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से अपने पति के विरुद्ध दर्ज अभियोगों को छुपाया था.

मऊ. बाहुबली मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) गिरोह के शातिर शूटर गैंग डी-5 के सदस्य की पत्नी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है. साथ ही शस्त्र को पुलिस ने जब्त कर लिया है. पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि लिलारी भरौली थाना कोपागंज के रहने वाले शातिर हिस्ट्रीशीटर अपराधी राकेश पांडेय उर्फ हनुमान पांडेय की पत्नी सरोजलता पांडेय ने तथ्यों को छुपाकर डीबीबीएल गन का लाइसेंस 2005 में ले लिया था. उसने अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से अपने पति राकेश पांडेय उर्फ हनुमान पाण्डेय के विरुद्ध दर्ज अभियोगों को छुपाया था. अब इस संबंध में अभियुक्त सरोजलता पांडेय के खिलाफ मुकदमा (FIR) दर्ज किया गया है. साथ ही शस्त्र जब्त कर निरस्तीकरण (Cancellation) के लिए रिपोर्ट भेजी गई है.

मुख्तार के साले का भी शस्त्र लाइसेंस रद्द

इसके साथ ही मुख्तार अंसारी गैंग के पांच सदस्यों के अवैध रूप से प्राप्त किए लाइसेंसी शस्त्र को निरस्त किया गया. जिसमें गाजीपुर जनपद के मोहम्मदाबाद थाने के युसुफपुर मुहल्ला के रहनेवाले सलीम, डोमनपुरा बालापुर के रहनेवाले इसराइल और मुख्तार अंसारी के साले अनवर शहजाद के नाम प्रमुख हैं. अनवर शहजाद गाजीपुर जनपद के नगर कोतवाली के तैयदबाड़ा का रहने वाला है. इन तीनों के शस्त्र निरस्तीकरण की रिपोर्ट भी प्रेषित की गई थी. जिलाधिकारी द्वारा तीनों के शस्त्र निरस्त कर थानाध्यक्ष को शस्त्र जमा करने के लिए आदेशित किया गया. जिसके बाद शस्त्र भी जमा कराया गया.

गैंग के दो और लोगों के खिलाफ भी कार्रवाईइसके अलावा मुख्तार अंसारी गिरोह के नजदीकी हाजी मुख्तार पुत्र हनीफ निवासी बिचलापुरा सरवां थाना सरायलखंसी के दो पुत्रों मुख्तार खुर्शीद व जावेद के नाम से दो शस्त्र लाइसेंस थाना सरायलखंसी की रिपोर्ट पर निलंबित किए गए. three जुलाई को हाजी मुख्तार के कब्जे से 55 कारतूस 315 बोर बरामद किया गया था. मुख्तार अंसारी के एक अन्य नजदीकी संजय सागर पुत्र चन्द्रदेव राम निवासी ग्राम सरवां थाना सरायलखंसी द्वारा गलत जन्मतिथि दर्शाते हुए 2 शस्त्र पिस्टल व एसबीबीएल का लाइसेंस प्राप्त किया गया था. जिसके बाद शस्त्र लाइसेंस को निलंबित किया गया है. संजय सागर के दोनों शस्त्र को सरायलखंसी थाने में जबकि हाजी मुख्तार के दोनों शस्त्र दुकान पर जमा कराए गए हैं.



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