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कोरोना काल में लोक कलाकारों ने संस्कृति मंत्री सतपान महाराज (Satpan Maharaj) से अपना दर्द बयां किया था. तब सतपान महाराज ने ऑनलाइन कार्यक्रम करवाने की बात कही थी.

देहरादून. उत्तराखण्ड (Uttarakhand) की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखने वाले लोक कलाकार (Folk artist) इन दिनों आर्थिक संकट (Economic Crisis) से जूझ रहे हैं. काम न मिल पाने के चलते ढोल दमाऊ और रंगमंच से जुड़े कलाकारों की स्थिति मुफलिसी की कगार पर आ गयी है. कोरोना काल में लोक कलाकारों ने संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज से अपना दर्द बयां किया था. तब सतपाल महाराज ने ऑनलाइन कार्यक्रम करवाने की बात कही थी. साथ ही 1000 रुपए की आर्थिक मदद का आश्वासन दिया था. मगर वो भी पूरा नहीं हो पाया.

ऐसे में रंगकर्मी मानते हैं कि ऑनलाइन काम दिलवाने का मंत्रीजी ने जो वादा किया था उसमें अभी तक कुछ भी डवलपमेंट नहीं हआ है. फिल्म निर्देशक अनुज जोशी कहते हैं कि सबसे ज्यादा परेशान छोटे कलाकार हैं. वहीं, पूछने पर संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज (SatpaL Maharaj) ने कहा कि सभी के खातों में पैसे जाएंगे. 1000 रुपए की आर्थिक मदद भी कम है. लेकिन हमारी भी मजबूरी है. मुख्यमंत्री से भी इस बारे में बात हुई है. बता दें कि पिछले four महीने से कोरोना के चलते सभी परेशान हैं. लेकिन उन कलाकारों पर भी संकट आ गया है, जो अपने हुनर के दम पर अपनी आजीविका चलाते हैं.

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प्रदेश में संक्रमितों की संख्या 3417 हो गई हैदरअसल, अन्य राज्यों की तरह उत्तराखंड में भी कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं. शनिवार को दो स्वास्थ्य कर्मियों समेत कोरोना संक्रमण के 45 नए मामले सामने आए थे. सबसे ज्यादा 21 मामले देहरादून जिले में मिले हैं. जिसके बाद अब राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 3417 हो गई है. जिनमें से एक्टिव केस केवल 623 हैं. वहीं 2718 मरीज सही हो चुके हैं. शनिवार को अल्मोड़ा, चमोली और हरिद्वार में तीन, चमोली और रुद्रप्रयाग में एक, टिहरी में दो, ऊधमसिंह नगर में 14 व देहरादून में सबसे ज्यादा 21 केस मिले थे.



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