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विकास दुबे (Vikas Dubey) के खिलाफ यूपी में तीन दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं. उन मामलों में कई ऐसे भी गंभीर केस हैं जिनको आधार बनाकर ईडी की टीम आराम से पीएमएलए का केस बना सकती है.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के कानपुर कांड (Kanpur Shootout) में मुख्य आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) सहित 6 लोगों को पुलिस ने एनकाउंटर (Encounter) में मार गिराया है. घटना के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी (ED) ने यूपी पुलिस ने विकास दुबे उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के साथ आपराधिक गतिविधियों में सहयोगियों का विवरण मांगा है. वहीं ईडी ने उनके खिलाफ आपराधिक मामलों की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी मांगी है.दरअसल, ईडी (ED) की एक टीम बुधवार को कानपुर पुलिस और अधिकारियों के साथ संपर्क करके औपचारिक तौर पर विकास दुबे से संबंधित कई एफआईआर (FIR) सहित कई दस्तावेजों को लेकर लखनऊ आई थी. इस मामले में कानपुर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है.

अधिकारी ने बताया कि लखनऊ से ईडी की एक टीम आई थी और गैंगेस्टर विकास दुबे से संबंधित कई एफआईआर, पुराने आरोप पत्र सहित अन्य दस्तावेजों को अपने साथ लेकर गई. इस मामले में अब यह जानकारी मिल रही है कि उन दस्तावेजों को आधार बनाकर ईडी (PMLA) यानी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज करेगी और उसके बाद विकास दुबे के खिलाफ ठोस कर्रवाई कर सकती है.

अवैध संपत्तियों पर ईडी की नजर

विकास दुबे के खिलाफ यूपी में तीन दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं. उन मामलों में कई ऐसे भी गंभीर केस हैं जिनको आधार बनाकर ईडी की टीम आराम से पीएमएलए का केस बना सकती है. विकास दुबे के खिलाफ अगर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई होती है तो उसकी कई अवैध संपत्तियों को अटैच किया जा सकता है. इसके साथ ही यूपी, राजस्थान स्थित उसकी कई अवैध चल और अचल संपत्तियों को सीज किया जा सकता है.उज्‍जैन से गिरफ्तार हुआ था विकास दुबे
यूपी का मोस्ट वॉन्टेड अपराधी विकास दुबे को उज्जैन में गिरफ्तार किया गया था. मध्‍य प्रदेश पुलिस ने उसे यूपी पुलिस को सौंप दिया था. उसे सड़क मार्ग से यूपी एसटीएफ की टीम कानपुर ला रही थी. इससे पहले उज्जैन के महाकाल मंदिर में गुरुवार को एक व्यक्ति ने खुद को यूपी का मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दुबे बताने लगा था. बताया जा रहा है कि महाकाल मंदिर परिसर में पहुंच कर यह शख्स चिल्ला-चिल्ला कर ख़ुद को विकास दुबे बता रहा था. उसे फौरन मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड ने पकड़ लिया और पुलिस को इसकी सूचना दी थी.

सीओ समेत eight पुलिसकर्मी हुए थे शहीद

बता दें कि 2 जुलाई की रात विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर हमला किया था. इस हमले में क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. इस घटना के बाद विकास दुबे अपने गुर्गों के साथ फरार हो गया था. 9 जुलाई को ही उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से विकास दुबे को पकड़ लिया गया. उसे कानपुर पुलिस और एसटीएफ की टीम कानपुर ला रही थी, तभी गाड़ी पलट गई और विकास दुबे हथियार छीनकर भागने लगा. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में विकास दुबे भी मारा गया है



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