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पटना हाई कोर्ट (Patna High Court) में PIL करने वाले अधिवक्ता ने कोर्ट से अपील की है कि कोरोना संकट को देखते हुए बिहार विधानसभा चुनाव इस वर्ष अक्टूबर माह में नहीं करवाए जाएं.

पटना. बिहार में कोरोना संक्रमण (Corona an infection) का लगातार विस्तार होता जा रहा है. पिछले तीन दिनों से हर दिन औसतन 500 से अधिक मामले सामने आते जा रहे हैं. इसी बीच प्रदेश में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) की तैयारियां भी जारी हैं. चुनाव आयोग (Election Commission) ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक भी कर ली है और सुझावों के आधार पर चुनाव कार्यक्रमों का खाका तैयार करने में लगी है. हालांकि आरजेडी और कांग्रेस (RJD and Congress) जैसी कुछ राजनीतिक पार्टियां फिलहाल चुनाव करवाए जाने के पक्ष में नहीं है. अब इस मामले में पटना हाई कोर्ट (Patna High Court) में एक जनहित याचिका (public curiosity litigation) भी दायर कर न्यायालय से अपील की गई है कि चुनाव को अभी टाल दिया जाय.

PIL की गई ये मांग
पटना हाई कोर्ट (Patna High Court) में जनहित याचिका दायर (PIL) करने वाले याचिकाकर्ता अधिवक्ता बद्री नारायण सिंह ने कोर्ट से अपील की है कि कोरोना संकट और आमलोगों की परेशानी को देखते हुए इस वर्ष अक्टूबर माह में नहीं करवाए जाएं. इस याचिका में यह कहा गया है कि पूरे देश और बिहार में कोरोना का भयंकर संकट चल रहा है. यहां लोगों के समक्ष न सिर्फ जीवन रक्षा का प्रश्न है, बल्कि रोजी रोटी और बेकारी की भी गंभीर समस्या है. ऐसी विकट परिस्थितियों में इस वर्ष राज्य विधानसभा का अक्टूबर माह में चुनाव कराना सही नहीं है.

कई राजनीतिक पार्टियां भी नहीं चाहतीं चुनावअधिवक्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि अभी कोरोना का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और सरकारें व जनता इससे संघर्ष कर रही हैं. ऐसे में अगले वर्ष फरवरी माह में चुनाव कराने पर चुनाव आयोग को विचार करना चाहिए. बता दें कि आरजेडी और कांग्रेस जैसी पार्टियां भी अक्टूबर-नवंबर में चुनाव करवाए जाने का विरोध किया है.

आरजेडी-कांग्रेस के एक सुर
आरजेडी लीडर व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव तो लगातार चुनाव करवाए जाने का विरोध कर रहे हैं. वहीं, कांग्रेस ने भी सीएम नीतीश कुमार को इस मामले में कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की है. इस बीच एलजेपी ने भी कुछ ऐसे ही संकेत दिए हैं कि वह कोरोना को देखते हुए फिलहाल चुनाव नहीं चाहती है. हालांकि जेडीयू ने इसे चुनाव आयोग का विशेषाधिकार करार देते हुए कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

बीजेपी ने कही यह बात
वहीं बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव कराना या ना कराना चुनाव आयोग का फैसला होगा, लेकिन आज से तीन महीने बाद क्या परिस्थिति होगी उसे लेकर अभी फैसला करना उचित नहीं है. तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए संजय जायसवाल ने कहा अभी से चुनाव का विरोध जो 10वीं पास नहीं है वही कर सकता है.



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