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एडीजी जोन प्रयागराज प्रेम प्रकाश (ADG Zone Prayagraj Prem Prakash) मान्धाता थाना में आए थे. इस दौरान असलहा चेक करते हुए थाने में तैनात दारोगा शहंशाह खान की पिस्टल में मैगजीन फस गई. इसके बाद एडीजी का पारा गर्म हो गया.

प्रतापगढ़. उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ (Pratapgarh) जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां के एक थाने में एडीजी के सामने असलहा चेंकिग के दौरान दारोगा की पिस्टल में मैगजीन (Magazine) फस गई. इससे एडीजी साहब नाराज हो गए. उन्होंने तुरंत दारोगा को सजा दे दी. एडीजी जोन प्रयागराज प्रेम प्रकाश (ADG Zone Prayagraj Prem Prakash) ने दारोगा को दौड़ लगाने की सजा दे दी. इसके बाद दारोगा ने दोनों हाथ उठाकर थाने के अंदर दौड़ लगाई.

दरअसल, एडीजी जोन प्रयागराज प्रेम प्रकाश मान्धाता थाना में आए थे. इस दौरान असलहा चेक करते हुए थाने में तैनात दारोगा शहंशाह खान की पिस्टल में मैगजीन फस गई. इसके बाद एडीजी का पारा गर्म हो गया. उन्होंने पिस्टल लेते हुए साथी पुलिसकर्मी को सौंप दिया. इसके बाद दारोगा शहंशाह खान को थाने की गेट तक दौड़ लगाने की सजा दी गई. दारोगा ने पास लौटते हुए एडीजी को सलामी दी, जिसके बाद एडीजी ने कड़ी चेतावनी देते हुए दारोगा को छोड़ा.

वहीं, एडीजी की सजा का फरमान इलाके में चर्चा का विषय बन गया है. इस वीडियो को लोग तेज़ी से शोसल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं. आप भी देखिए दारोगा किस तरह से दोनों हाथ उठाकर दौड़ लगा रहा है. यह पूरा वाक्या एडीजी प्रेम प्रकाश के मांधाता थाने के औचक निरीक्षण के दौरान हुआ है. एडीजी प्रेम प्रकाश मान्धाता थाने का निरीक्षण करने एसपी के साथ पहुंचे थे. पहले थाने का निरीक्षण किया गया और बेहतर साफ-सफाई का निर्देश दिया गया. जिसके बाद वहां मौजूद दारोगा और सिपाहियों से असलहा से मैगजीन निकालने के लिए बोला गया. लेकिन दारोगा शहंशाह के पिस्टल की मैगजीन फस गई, जिसके बाद एडीजी ने दरोगा की लापरवाही मानते हुए सजा दी.

आखिर क्यों खफा हुए एडीजीइस समय विकास दुबे प्रकरण के बाद यूपी पुलिस एक्शन में है. हर जिले में ताबड़तोड़ इनकाउंटर और बदमाशों को धर पकड़ जारी है. ऐसे में पुलिसकर्मी को अपनी आत्म रक्षा हेतु कभी भी फायरिंग करनी पड़ सकती है. लेकिन अगर पुलिस के उप निरीक्षक अपने पिस्टल से गोली लोड और निकाल नहीं पाएंगे तो कैसे कुख्यात बदमाशों से लोहा लेंगे. इसी कारण एडीजी को गुस्सा आया और थाने में सभी पुलिसकर्मियों के सामने सज़ा सुनाते हुए दारोगा की दौड़ लगवाई.



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