[ad_1]

ग्रामीण आकाश कुमार (Akash Kumar), शिवाली यादव और चंद्रबोस प्रसाद ने जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाया कि यहां के सांसद व विधायक को सिर्फ चुनाव के समय इस गांव के लोगों की याद आती है.

नालंदा. एक तरफ सरकार एक हजार से अधिक आवादी वाले बिहार के हर गांव- कस्बे को पक्कीकरण सड़क से जोड़ने की बातें कहती नहीं थक रही है. वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के गृह जिले नालंदा (Nalanda) में एक गांव ऐसा भी है, जहां जाने के लिए तीन सड़कें तो हैं लेकिन आजादी के बाद भी अभी तक किसी का पक्कीकरण नहीं हो सका है. इस गांव के युवा अकाश कुमार और बब्लू कुमार समेत कई युवाओं ने बताया कि इस गांव में बहुत सारे ऐसे युवा हैं जो पढ़े- लिखे हैं, लेकिन सड़क खराब होने के कारण उनकी शादी (marriage ceremony) कट जाती है. जो आगंतुक लोग आते भी हैं तो वो पक्कीकरण सड़क नहीं होने की स्थिति में कीचड़युक्त रास्ते को देखकर ही वापस लौट जाते हैं.

दरअसल, हम बात कर रहे हैं राजगीर विधानसभा (Rajgir Legislative Assembly) क्षेत्र में पड़ने वाले रंगीला विगहा गांव (Rangeela Vigaha Village) की, जहां आज भी लोग बरसात के दिनों में कच्ची व कीचड़युक्त सड़क से होकर शहर की ओर आवागमन करते हैं. इतना ही नहीं थोड़ी सी बारिश होने पर यहां बाइक चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. जब किसी की तबियत खराब होती है तो मरीज को मुख्य पक्की सड़क तक खाट पर ढोना पड़ता है.

इस गांव में अभी तक सड़क नहीं बनी है.

सिर्फ चुनाव के समय इस गांव में आते हैं नेताग्रामीण आकाश कुमार, शिवाली यादव और चंद्रबोस प्रसाद ने जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाया कि यहां के सांसद व विधायक को सिर्फ चुनाव के समय इस गांव के लोगों की याद आती है. इस दौरान जब हमलोग सांसद और विधायक से इस गांव के लिए सड़के मांगते हैं तो सिर्फ आस्वास्न देकर चले जाते हैं. उसके बाद फिर पांच साल गुजर जाता है और सड़कें कच्ची की कच्ची ही रह जाती हैं.

लोगों को इस रास्ते से होकर बाजार जाना पड़ता है.

विरोध में कच्ची सड़कों पर धान रोप जताया विरोध
इधर जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के बाद ग्रामीणों ने सरकार व उनके विधायक के खिलाफ आक्रोशपूर्ण नारेबाजी करते हुए कहा कि अगर सरकार से इस गांव की सभी सड़क नहीं बन पाती है तो किसलिए यहां आकर वोट मांगते हैं. इतना ही नहीं आगामी विधानसभा चुनाव में वर्तमान विधायक को सबक सिखाने व वोट बहिष्कार करने की चेतावनी देते हुए कहा कि उनलोगों द्वारा मेरे गांव पर ध्यान नहीं दिया गया है. अब हमलोग भी ध्यान नहीं देंगे. आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव जाने वाली सभी सड़कों पर धान का पौधा रोप कर अपना विरोध प्रदर्शन किया और सड़क बनाने की मांग की.



[ad_2]

Source