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गैस सिलेंडर (Gas Cylinder) को नदी पार करवाने वाले बच्चे अरबाज और अशफाक कहते हैं कि वो लोग सिलेंडर के साथ तैरकर नदी (River) पार करवाने के लिए कोई शर्तिया पैसों की मांग तो नहीं करते हैं, लेकिन प्रति सिलेंडर लोग उन्हें दो से तीन चॉकलेट दे ही देते हैं.

कटिहार. बाढ़ की विभीषिका से लड़ रहे बिहार (Bihar Flood) में लापरवाही की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है. ये ऐसी तस्वीर है जो किसी बड़े हादसे की ओर इशारा कर रही है. मामला कटिहार (Katihar) से जुड़ा है जहां के हसनगंज प्रखंड के बाढ़ ग्रस्त इलाके में लोग नाव का किराया बचाने के लिए बच्चों की जान जोखिम में डालने से नहीं चुक रहे. गैस के सिलेंडर को लोग चॉकलेट की लालच देकर बच्चों से नदी पार करवा रहे हैं वो भी उफनाती नदी में.

नाव वाले मांगते हैं मुंहमांगा किराया

हसनगंज और कोढ़ा प्रखंड को नदी से जोड़ने वाले चापी नया टोला के लोग भासना नदी को पार करने के लिए बीस रुपए का किराया नाव वालों को देते हैं, लेकिन बगल में ही गैस गोदाम से गैस सिलेंडर ले जाने के लिए नाव वाले को दोगुना किराया देना पड़ता है. इस कारण ग्रामीणों ने इसका तोड़ निकालते हुए नदी में खेलते बच्चों के सहारे ही गैस सिलेंडर को पार करवाने लेते हैं.

कभी भी हो सकता है बड़ा हादसागैस सिलेंडर को नदी पार करवाने वाले बच्चे अरबाज और अशफाक कहते हैं कि वो लोग सिलेंडर के साथ तैरकर नदी पार करवाने के लिए कोई शर्तिया पैसों की मांग तो नहीं करते हैं, लेकिन प्रति सिलेंडर लोग उन्हें दो से तीन चॉकलेट दे ही देते हैं. ग्रामीण प्रतिनिधि मनोज मंडल कहते हैं समस्या चाहे जितनी भी हो इस तरह की हरकतों से हर परिजन और ग्रामीणों को बचना चाहिए क्योंकि नदी में इस तरफ से बच्चों के सहारे गैस सिलेंडर पार करवाना खतरे को दावत देना है और कभी भी इस इलाके में इससे जुड़ा बड़ा हादसा हो सकता है.



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