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पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद विकास दुबे के भाई दीपप्रकाश दुबे ने न तो समर्पण किया है न ही पुलिस के सामने आया है. कानपुर में 2/three जुलाई की रात बिकरू गांव में जो शूटआउट हुआ था उसकी जांच को लेकर पुलिस को दीपप्रकाश दुबे की तलाश है.

लखनऊ. कानपुर (Kanpur) के बिकरु कांड (Bikroo Shootout) में एक तरफ एसटीएफ (STF) की जांच अपने अंतिम दौर में चल रही है तो वही पुलिस (Police) की कार्यवाई का शिकंजा लगातार विकास दुबे (Gangster Vikas Dubey) और उसके सहयोगियों पर भी कसता जा रहा है. इसी कड़ी में पुलिस की नज़र अब विकास दुबे के भाई की अवैध सम्पतियों पर है. लखनऊ पुलिस उसके भाई दीप प्रकाश दुबे (Deep Prakash Dubey) के संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई शुरू करने जा रही है. पुलिस ने कोर्ट से उसकी संपत्तियों को कुर्क करने के लिए आवादन किया है.

बिकरू कांड के बाद से चल रहा है फरार

दरअसल, पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद विकास दुबे के भाई दीपप्रकाश दुबे ने न तो समर्पण किया है न ही पुलिस के सामने आया है. कानपुर में 2/three जुलाई की रात बिकरू गांव में जो शूटआउट हुआ था उसकी जांच को लेकर पुलिस को दीपप्रकाश दुबे की तलाश है. लेकिन दीप प्रकाश three जुलाई से ही फरार है. इस बीच दीप प्रकाश से भी अपील की गई थी कि वह पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दे. बावजूद इसके वह लगातार फ़रार चल रहा है. यहां तक कि दीप प्रकाश पर पुलिस ने बीस हज़ार रूपये का इनाम भी घोषित कर रखा है. उसकी फरारी के चलते पुलिस ने अदालत में उसकी सम्पत्तियों को ज़ब्त करने के लिये भी आवेदन किया है. आदेश मिलने के बाद ज़ब्त करने की कार्यवाई की जायेगी.

इस मामले में पुलिस को दीप प्रकाश की भूमिका पर शक है. सूत्रों के मुताबिक विकास ने दीप प्रकाश के नाम से अवैध संपत्तियां बनाई थी. उस पर शक है कि बिकरू कांड में उसे भी तमाम बातें पहले से पता थी. अभी दीप प्रकाश पुलिस के गिरफ़्त से दूर है लेकिन पुलिस का मानना है की दीप प्रकाश विकास का बड़ा राज़दार था और दीप को बहुत सारी घटनाओं और अवैध सम्पत्तियों की जानकारी पहले से ही थी



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