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गैंगेस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) की गिरफ्तारी पर कानपुर शूटआउट में शहादत पाने वाले शहीद उप निरीक्षक महेश यादव (Mahesh Yadav) के बेटे समेत परिवार ने सवाल खड़े कर दिए हैं.

रायबरेली. कानपुर शूटआउट (Kanpur Shootout) का कुख्यात अपराधी विकास दुबे (Vikas Dubey) गुरुवार सुबह उज्जैन (Ujjain) के महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) से गिरफ्तार हुआ है, ऐसा वहां की पुलिस का दावा है. लेकिन गैंगेस्टर विकास की इस नाटकीय गिरफ्तारी पर कानपुर शूटआउट में शहादत पाने वाले शहीद उप निरीक्षक महेश यादव (Mahesh Yadav) के बेटे समेत परिवार ने सवाल खड़े कर दिए हैं.

विकास दुबे को आतंकी घोषित करके चलाया जाए केस: शहीद का बेटा

गुरुवार को सरेनी थाना अन्तर्गत वनपुरा मजरे हिलौली शहीद के गांव में जैसे ही विकास दुबे के जिंदा रहते हुए गिरफ्तारी की खबर पहुंची परिवार के जख्म एक बार फिर ताजा हो गए. शहीद महेश के बड़े बेटे विवेक नारायण यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि विकास दुबे को मामूली बदमाश नहीं, बल्कि उसे आतंकी घोषित करके उस पर केस चलाया जाए.

कौन नेता, पुलिसवाला कर रहा था विकास की मदद?शहीद के बेटे ने कहा कि जो भी नेता और पुलिस वाला उसकी (विकास दुबे) मदद कर रहा था, जिनका-जिनका सहयोग था उसकी डिटेल निकालकर जनता को बताया जाए कि ये नेता जिम्मेदार हैं और ये अधिकारी जिम्मेदार है. उनके खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही की जाए. शहीद के बेटे ने ये भी कहा कि विकास दुबे ने सुनूयोजित तरीके से सरेण्डर किया है, ये पुलिस की नाकामी है. हम सरकार से मांग करते हैं जैसे उसने हमारे पिता का हाल किया वैसे ही उसका भी हाल किया जाए.

गिरफ्तारी नहीं फिल्मी स्क्रिप्ट है ये: शहीद के भाई

आपको बता दें कि शहीद महेश के भाई राजेश लखनऊ में अध्यापक हैं. भाई की शहादत के बाद से वो गांव में ही हैं. आज विकास की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने भी मीडिया से बात किया, कहा कि विकास दुबे गिरफ्तार नहीं किया गया है, उसकी एक स्क्रिप्ट जैसे फिल्मों में चलती है, वैसे उसने बनाया. उसी हिसाब से उसने सारा काम किया है. इसमे कई बड़े नेताओं के हाथ होने की आशंका लग रही है और अधिकारियों की मिलीभगत है. भाई ने कहा कि गहनता से जांच होनी चाहिए. मुझे मुख्यमंत्री योगी पर भरोसा है और किसी पर भरोसा नहीं है. वो हमें न्याय जरूर देंगे. उनका सिद्धांत है मौत के बदले मौत. इसको मौत मिलनी चाहिए तभी हमे संतुष्टि मिलेगी.



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