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उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार (Director General of Police Ashok Kumar) ने पूरे देशवासियों के साथ ही खासतौर पर उत्तर भारत राज्यों के आने वाले श्रद्धालुओं से सोमवती अमावस्या के दिन हरिद्वार न आने की अपील की है. उन्होंने कहा कि इस बार अपने आसपास की नदी, घाटों में ही स्नान और धार्मिक कांड करें.

हरिद्वार. उत्तराखंड में लगातार बढ़ते कोरोना वायरस के  मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले कावड़ यात्रा और अब हरिद्वार (Haridwar) में सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) पर होने वाले गंगा स्नान पर रोक लगा दी है. इसके लिए पुलिस ने राज्य के सभी बॉर्डर सील कर दिए हैं. सोमवती अमावस्या के दिन राज्य में हर साल गंगा स्नान (Ganges Bath) के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं हरिद्वार पहुंचते थे. लेकिन कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप से राज्य सरकार ने गंगा स्नान पर पाबंदी लगा दी है. वहीं, स्नान के अतिरिक्त अस्थि विसर्जन और कर्मकांड पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. इसके लिए पुलिस ने उत्तराखंड की सभी सीमाओं को भी सील कर दिया है.

इसके अलावा बिना अनुमति के दूसरे राज्यों से हरिद्वार पहुंचने वाले यात्रियो को निजी खर्चे पर 14 दिन के लिए इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन भी किया जाएगा. स्थानीय लोगों के लिए भी हरिद्वार के समस्त घाटों पर प्रवेश बंद कर दिया गया है. अनाधिकृत प्रवेश पर यात्रियों और स्थानीय लोगों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का मानना है कि गंगा स्नान के लिए लाखों लोग पहुंचते हैं जिसमें कोरोना संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा बना होता है. इस दौरान सोशियल डिस्टेंस मेंटेन करवा पाना बड़ी चुनोती है. ऐसे में यह निर्णय किया गया है.

सोमवती अमावस्या के दिन हरिद्वार न आने की अपील की है
वहीं, उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने पूरे देशवासियों के साथ ही खासतौर पर उत्तर भारत राज्यों के आने वाले श्रद्धालुओं से सोमवती अमावस्या के दिन हरिद्वार न आने की अपील की है. उन्होंने कहा कि इस बार अपने आसपास की नदी, घाटों में ही स्नान और धार्मिक कांड करें. उत्तराखंड पुलिस का मानना है कि हर बार सोमवती अमावस्या के दिन जम्मू से लेकर गुजरात और देश के अन्य राज्यों से 50 से 60 लाख लोग यहां पहुंचते हैं. ऐसे में अगर संवेदनशील राज्यों और शहरों से 10 संक्रमित लोग भी स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचते हैं तो यह वायरस चेन के रूप में बहुत नुकसान पहुंचाएगा. महानिदेशक अशोक कुमार ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि मनुष्य की जान से बढ़कर कोई महत्वपूर्ण काम नहीं है. ऐसे में सभी श्रद्धालु सार्वजनिक कार्यक्रमों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों पर जाने से बचें.



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