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वाल्मिकी नगर गंडक बराज (Valmiki Nagar Gandak Barrage) से छोड़े गए 4 लाख 36 हजार क्यूसेक पानी के बाद कई जगहों पर बांध टूट गया है और कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है.

मोतिहारी/गोपालगंज. नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण बिहार की नदियों ने अब रौद्र रूप धारण करना शुरू कर दिया है. औसतन 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश एक दिन में हुई इसलिए गंडक में पानी अब 5. 36 लाख क्यूसेक के स्तर पर पहुंच गया है. गंडक नदी (Gandak River) अपने सर्वोच्च स्तर पर है और इसका जलस्तर 2017 के जलस्तर से 26 इंच ऊपर पहुंच गया. इसका परिणाम यह हुआ कि कई स्थानों पर नदी के तटबंध दरक गए हैं और कई स्थानों पर सीपेज शुरू हो गया है. कई जगहों पर बांध टूटने के मामले सामने आने के बाद शुक्रवार को जल संसाधन मंत्री संजय झा (Water Resources Minister Sanjay Jha) विभाग के प्रधान सचिव संजीव हंस और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने जिन इलाक़ों में बांध टूटा है उन इलाक़ों का हवाई सर्वेक्षण किया.

दरअसल बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है. 2017 में राज्य में भयानक बाढ़ आई थी इस बार भी नेपाल के साथ-साथ उत्तर बिहार में लगातार बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. वाल्मिकी नगर गंडक बराज (Valmiki Nagar Gandak Barrage) से छोड़े गए 4 लाख 36 हजार क्यूसेक पानी के बाद कई जगहों पर बांध टूट गया है और कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है.

जल संसाधन मंत्री ने कही ये बात

हवाई सर्वेक्षण के बाद पटना लौटे मंत्री संजय झा ने माना कि नेपाल से 4 लाख 36 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़े जाने और बिहार के तरफ भी लगभग 1 लाख क्यूसेक पानी होने के कारन अचानक से 5 लाख 35 हज़ार क्यूसेक पानी का दबाव बांधों पर पड़ा जिससे गोपालगंज में देवापुर और बकहा के साथ पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर में तीन जगहों पर बांध में कट हुआ है.बाढ़ से बिहार में हालात बेकाबू

उन्होंने कहा की उन जगहों पर हम नज़र बनाए हुए हैं. एनडीआरएफ़ की टीम वहां मौजूद है और स्थिति कंट्रोल में है. एक दो गाव ही इससे प्रभावित हुआ है. वहीं उन्होंने कहा की दो से तीन दिनों में पानी का बहाव कम हो जाने पर सभी कट को ठीक कर लिया जाएगा. हालांकि मंत्री के दावों से इतर नेपाल में लगातार हो रही बारिश से बिहार के कई इलाकों में बाढ़ से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं.



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