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योगी सरकार (Yogi Government) ने स्‍पेशल टास्‍क फोर्स के उप महानिरीक्षक अनंत देव तिवारी (Anant Dev Tiwari) समेत सूबे के चार आईपीएस अफसरों का ट्रांसफर कर दिया है.

लखनऊ. उत्‍तर प्रदेश की योगी आदित्‍यनाथ सरकार ( Yogi Adityanath Government) ने सूबे के चार आईपीएस अफसरों का ट्रांसफर कर दिया है, जिसमें स्‍पेशल टास्‍क फोर्स (Special Task Force) के उप महानिरीक्षक अनंत देव तिवारी (Anant Dev Tiwari) भी शामिल हैं. कानपुर के चौबेपुर में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Vikas Dubey) मामले में शहीद क्षेत्राधिकारी देवेन्द्र मिश्र के कथित पत्र के वायरल होने के बाद तिवारी के ट्रांसफर को अहम माना जा रहा है. आरोप है कि शहीद पुलिस अधिकारी ने विकास दुबे को लेकर चौबेपुर के थानाध्यक्ष विनय तिवारी की संदिग्ध भूमिका की शिकायत तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव से की थी, लेकिन इस पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया था.

तिवारी की जगह लेंगे सुधीर कुमार सिंह
आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक, अनंत देव तिवारी अब पीएसी मुरादाबाद सेक्टर के डीआईजी का कार्यभार संभालेंगे. जबकि उनकी जगह सेनानायक 15वीं वाहिनी आगरा सुधीर कुमार सिंह को एसटीएफ का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है. इसके अलावा मुरादाबाद के एसएसपी अमित पाठक को वाराणसी की जिम्‍मेदारी सौंपी गयी है. इसके अलावा वाराणसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी को मुरादाबाद भेजा गया है.

सरकार के लिए चुनौती बना कानपुर कांड

उत्तर प्रदेश के कानपुर में eight पुलिसकर्मियों की शहादत मामले में फरार इनामी अपराधी विकास दुबे  की तलाश में एसटीएफ सहित यूपी पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं. इस बीच कानपुर पुलिस ने विकास दुबे के 16 सहयोगियों और वांछितों के नाम व फोटो जारी किए हैं. पुलिस को इनकी सरगर्मी से तलाश है. इनमें अमर दुबे, विष्णु पाल सिंह उर्फ जिलेदार, शिव तिवारी, हीरू, नरेंद्र नागर, मनोज, चंद्रजीत, संतोष कुमार, गुड्डन त्रिवेदी, रणवीर उर्फ बउअन, लाला राम, अजीत कुमार, इंद्रजीत, लड्डे, सत्यम उर्फ लुट्टन, नाहर सिंह उर्फ धर्मेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं. इनकी सूचना मिलने पर 9454400286, 9454401470, 9454403691 पर संपर्क किया जा सकता है.
वहीं, एसटीएफ के हाथ लगे ऑडियो में दो पुलिसकर्मियों का पता चला है कि जिन्होंने दबिश की सूचना विकास दुबे को दी थी. यही नहीं इस ऑडियो में विकास कहता सुनाई पड़ा है कि आज पुलिस से निपट लेंगे. एसटीएफ की जांच में पता चला है कि दरोगा केके शर्मा और सिपाही राजीव चौधरी की उस दिन विकास दुबे से बातचीत हुई थी.

फरार है विकास दुबे
घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस और एसटीएफ फरार विकास दुबे को गिरफ्तार नहीं कर पाई है. पुलिस की 100 से ज्यादा टीमें सूबे व आस-पास के राज्यों में लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन विकास दुबे का कोई सुराग नहीं मिल रहा है. पुलिस ने आशंका जाहिर की है कि विकास दुबे मध्य प्रदेश के ग्वालियर में छुपा हो सकता है. लिहाजा, मध्य प्रदेश की पुलिस को भी हाई अलर्ट पर कर दिया गया है.


Published by:
Ajay Raj


First revealed:
July 7, 2020, 10:18 PM IST



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