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पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा व लगन को देखते हुए 2019 में उन्हें कैबिनेट मंत्री (Cabinet Minister) बनाया गया था. वे सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री थीं.

लखनऊ. योगी सरकार (Yogi Government) में कैबिनेट मंत्री कमला रानी वरुण (Cabinet Minister Kamla Rani Varun) की कोरोना संक्रमण (Corona Infection) से रविवार को मौत हो गई. कमल रानी मौत की मौत की सूचना मिलते ही कानपुर से लेकर आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ ने कमल रानी की मौत पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है. सीएम ने कहा कि मैं कैबिनेट मंत्री कमला रानी वरुण के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. वह कोरोना पॉजिटिव थी और पीजीआई हॉस्पिटल में इलाज करवा रही थीं. उन्होंने कहा कि कमल रानी एक लोकप्रिय सार्वजनिक नेता और एक सामाजिक कार्यकर्ता थीं.

सीएम योगी ने कहा कि इससे पूर्व श्रीमती वरुण जी 11वीं व 12वीं लोकसभा की सदस्य थीं. श्रीमती वरुण जी ने एक जनप्रतिनिधि के रूप में जन आकांक्षाओं का सम्मान रखा. मंत्री के रूप में विभागीय कार्यों को कुशलतापूर्वक निर्वहन करने में सराहनीय योगदान दिया है. उनका निधन समाज और सरकार के लिये अपूरणीय क्षति है. योगी ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गम्भीर संवेदना व्यक्त की है.

बता दें कि 18 जुलाई को सिविल अस्पताल में उनके सैंपल की जांच की गई थी जिसमें उनमें संक्रमण की पुष्टि हुई थी. उनके परिवार के कई अन्य लोग भी संक्रमित हैं. उनका इलाज लखनऊ के पीजीआई में चल रहा था. 2017 में बीजेपी ने उन्हें कानपुर के घाटमपुर सीट से चुनावी मैदान में उतारा थे. वे इस सीट से जीतने वाली पार्टी की पहली विधायक थीं. पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा व लगन को देखते हुए 2019 में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था. वे सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री थीं. घाटमपुर से बनी विधायक
वर्ष 2012 में पार्टी ने उन्हें रसूलाबाद (कानपुर देहात) से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा लेकिन वह जीत नहीं सकी. 2015 में पति की मृत्यु के बाद 2017 में वह घाटमपुर सीट से बीजेपी की पहली विधायक चुनकर विधानसभा में पहुंची थीं.



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