[ad_1]

हाईकोर्ट (HC) ने एक पत्र को जनहित याचिका (PIL) में तब्दील कर दिया है. कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न प्रदेश भर में चल रहे सभी हुक्का बार बंद करने का आदेश कर दिया जाए?

लखनऊ. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के खतरे के चलते यूपी के हुक्का बार (Hukka Bar) पर बंदी का संकट खड़ा गया है. दरअसल मामले में एक विधि छात्र ने हाईकोर्ट को पत्र लिखा, जिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने संज्ञान ले लिया. हाईकोर्ट ने अब इस संबंध में प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है. यही नहीं हाईकोर्ट ने पत्र को जनहित याचिका में भी तब्दील कर दिया है. कोई ने यूपी सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न प्रदेशभर में चल रहे सभी हुक्का बार बंद करने का आदेश कर दिया जाए?

हाईकोर्ट ने पत्र का लिया स्वत: संज्ञान

यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर एवं न्यायमूर्ति एसडी सिंह की डिविजनल बेंच ने लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि छात्र हर‌गोविंद दुबे के पत्र का स्वतः संज्ञान लेकर दिया है. हाईकोर्ट ने मामले में यूपी सरकार से 6 अगस्त तक स्पष्टीकरण तलब किया है. इससे पहले हाईकोर्ट को लिखे अपने पत्र में विधि छात्र ने लिखा है कि राज्य के लगभग सभी जिलों में बड़ी संख्या में हुक्का बार चल रहे हैं. इनसे कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने की आशंका है क्योंकि वहां काफी युवा जाते हैं. कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेकर मुख्य सचिव को फैक्स से नोटिस भेजने का निर्देश दिया है. मामले पर अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी.

2017 में यूपी सरकार ने जारी किया था ये आदेशबता दें इससे पहले 11 जुलाई 2017 को यूपी सरकार की तरफ से महानिदेशक स्वास्थ्य ने जारी आदेश में कहा था कि अब ऐसे रेस्टोरेंट जिनमें स्मोकिंग एरिया बनाया गया हो, वहां स्मोकिंग एरिया में रेस्टोरेंट की तरफ से किसी भी तरह की सर्विस नहीं दी जाएगी. किसी तरह का स्मोकिंग प्रोडक्ट वहां मुहैया नहीं कराया जाएगा. इस नए नियम को हुक्का बार को ध्यान में रखकर बनाया गया था क्योंकि कई रेस्टोरेंट स्मोकिंग एरिया के नाम पर अवैध रूप से हुक्का बार चला रहे थे और पुराने नियमों की खामियों का फायदा उठा रहे थे.



[ad_2]

Source