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होनहार बेटी तनिष्का के पिता की मौत 2 जुलाई को कोरोना (COVID-19) संक्रमित होने के बाद इलाज के दौरान हो गई थी. तनिष्का के पिता चाहते थे कि उनकी बेटी आईएएस (IAS) अधिकारी बने.

झांसी. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के झांसी (Jhansi) की गोल्डन गर्ल के बाद एक और गोल्डन गर्ल ने बुंदेलखंड का नाम अपने हुनर, प्रतिभा, लगन के दम पर खूब रोशन किया है. महज 12 साल की उम्र में 12वीं कक्षा को पास करने वाली तनिष्का का भविष्य कितना उज्जवल है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि 12 साल की उम्र में इंटर की परीक्षा उन्होंने पास कर ली है. हिंदी अंग्रेजी सहित 14 भाषाओं का ज्ञान तनिष्का को भीड़ से अलग करता है. बचपन से ही पढ़ने में होनहार रही तनिष्का के माता-पिता को बेटी की पढ़ाई की बिल्कुल भी चिंता नहीं थी. कॉपी और पेंसिल संभालते ही तनिष्का ने जब पढ़ाई के क्षेत्र में कदम रखा तो उनके माता-पिता को बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उनकी बेटी इंटर की परीक्षा महज 12 साल की उम्र में 62 फ़ीसदी अंकों के साथ पास कर लेगी.

आपको जानकर हैरानी होगी कि तनिष्का का आईक्यू लेवल अन्य बच्चों से बहुत आगे है. तनिष्का ने मध्य प्रदेश से इंटर की परीक्षा पास की वो भी महज 12 साल की उम्र में. तनिष्का ये परीक्षा पास करने वाली मध्य प्रदेश की पहली छात्रा बन गई हैं. तनिष्का अपने माता-पिता को अपना आदर्श मानती हैं. होनहार बेटी के पिता की मौत 2 जुलाई को कोरोना संक्रमित होने के बाद इलाज के दौरान हो गई थी. तनिष्का के पिता चाहते थे कि उनकी बेटी आईएएस अधिकारी बने.  इसके बाद तनिष्का ने फैसला किया है कि आईएस बनकर वह अपने पिता का सपना साकार करेगी.

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आखिर क्यों प्रभावित हुए सीएम शिवराज 12 साल की तनिष्का की अद्भुत प्रतिभा को देखकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी तनिष्का से खासे प्रभावित हुए. सीएम ने तनिष्का को उसके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए परिवार जनों को बधाई दी. फिलहाल तनिष्का मेडिटेशन और योग के जरिए खुद को आगे बढ़ा रही हैं.  तनिष्का फिलहाल अपने मामा के घर झांसी में रहती हैं.



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