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सीतामढ़ी (Sitamadhi) के पुनौधाम, जानकी स्थान, पंथपाकड़, हलेश्वर स्थान समेत पांच पवित्र स्थानों से मिट्टी (Holy Soil) एकत्रित कर अयोध्या (Ayodhya) भेजी गयी है.

सीतामढ़ी. अयोध्या (Ayodhya) में बनने वाले भगवान राम के मंदिर (Ram Mandir) के लिये देशभर के प्रसिद्ध धार्मिकस्थलों से पवित्र मिट्टी (Holy Soil) भेजी जा रही है. ऐसे में भला भगवान राम के ससुराल और माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी (Sitamadhi) इस पावन कार्य में कैसे पीछे रहे. सीतामढ़ी के पुनौधाम, जानकी स्थान, पंथपाकड़, हलेश्वर स्थान समेत पांच पवित्र स्थानों से मिट्टी एकत्रित कर अयोध्या भेजी गयी है.

सीतामढ़ी में मां जानकी जन्मोत्सव आयोजन समिति की अगुवाई में पांच मंदिर, जानकी मंदिर, पुनौरा मंदिर, हलेस्वरस्थान मंदिर, पंथपाकड़ स्थित सीता मंदिर और बगही धाम से मिट्टी इकट्ठा कर जानकी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत श्री नृत्यगोपाल दास जी महाराज और महासचिव चंपत राय जी को सौंपी गई. इस मिट्टी को 5 अगस्त को होने वाले भूमि पूजन में  शामिल किया जाएगा.

राम जन्मभूमि आंदोलन में सीतामढ़ी के लोगों ने लिया था हिस्सा 

बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के लिए सीतामढ़ी में ही शिला पूजन की शुरुआत हुई थी. और इस आंदोलन में हिस्सा लेने कई शहरवासी कार सेवा में 1990 और 1992 में अयोध्या गए थे. आंदोलन के दौरान ही कई लोग जेल भी गए.5 अगस्त को उत्सव मनाने की अपील  

सीतामढ़ी में 5 अगस्त को महाउत्सव मनाया जाएगा. जानकी जन्मोत्सव आयोजन समिति ने सीतामढ़ी के समस्त नागरिकों से आग्रह किया है कि राम मंदिर के लिए भूमि पूजन के समय लोग अपने-अपने घरों में पूजा-आरती कर उत्सव मनाएं. साथ ही लोग उस दिन दीपोत्सव भी मनाएं.

बिहार के 101 जगहों से भेजी गई मिट्टी 

बता दें कि राम मंदिर निर्माण में बिहार के 101 तीर्थस्थलों, नदियों से मिट्टी और जल अयोध्या भेजा जा रहा है. मिट्टी और जल भेजने का बीड़ा विश्व हिंदू परिषद ने उठाया है. विहिप के सभी कार्यकर्ता काफी उत्साहित होकर अलग-अलग जगहों से मिट्टी इकट्ठा कर रहे हैं और काफी उत्साह से इसे भेजने की तैयारी कर रहे हैं. मिट्टी को डाक से अयोध्या भेजा जाएगा.



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