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सिद्धार्थनगर (Sidharthanagar) जिले में एसबीआई की 2 मुख्य शाखा डुमरियागंज और नौगढ़ बंद होने से इनसे जुड़े सभी बैंकों में कैश की किल्लत आ रही है, जिससे इनसे जुड़े ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

सिद्धार्थनगर. उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर (Sidharthanagar) में लगातार कोरोना (COVID-19) के मामले बढ़ने की वजह से हर तरह के कारोबार पर असर पड़ रहा है. जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. किसी भी शहर या गांव की अर्थव्यवस्था उसके पैसों की लेनदेन पर भी निर्भर करती है. इसमें बैंक अहम भूमिका निभाते हैं. लेकिन कोरोना संकट के बीच एक दर्जन एसबीआई बैंक शाखाओं में कैश की समस्या उत्पन्न हो गई है. सिद्धार्थ नगर जिले में एसबीआई की 2 मुख्य शाखा डुमरियागंज और नौगढ़ बंद होने से इनसे जुड़े सभी बैंकों में कैश की किल्लत आ रही है, जिससे इनसे जुड़े ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

9 कर्मचारी संक्रमित मिलने के बाद बंद की गई शाखा

इन चेस्ट बैंकों से ही सभी शाखाओं में कैश पहुंचाने की व्यवस्था थी. सिद्धार्थनगर के मुख्य शाखा पहले से ही कंटेनमेंट जोन में थी. बैंक में 9 कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए, जिसके बाद डुमरियागंज की शाखा को भी सील कर दिया गया. डुमरियागंज ‍भारतीय स्टेट बैंक पिछले three दिनों से बंद है. प्रशासन ने एहतियातन सभी संक्रमित मरीजों को आइसोलेशन सेंटर भेजने के साथ ही बैंक को बंद करवा दिया है.

पैसा निकालने वाले खाताधारकों को हो रही परेशानीबैंकों की बंदी से शाखा से जुड़े खाताधारकों की परेशानी बढ़ी, वहीं दूसरी तरफ आसपास के बैंकों में कैश की किल्लत खड़ी हो गई है. बैंक अब रोज जमा होने वाली धनराशि से ही संचालित हो रहे हैं. पैसा निकालने वालों को कुछ पैसे देकर वापस भेजा जा रहा है या फिर मना कर दिया जा रहा है. खाताधारक परेशान हैं और इसके साथ ही उनके रोजमर्रा के कामों पर भी इसका प्रतिकूल असर दिखाई दे रहा है.

मुख्य शाखा के ड्राइवर और गार्ड भी संक्रमित

मुख्य ब्रांच से जुड़ी एसबीआई शाखाओं में कोरोना का संकट गहरा गया है और इससे जुड़ी शाखाओं में भी कोरोना का खौफ व्याप्त हो गया है. मुख्य शाखा के ड्राइवर और गार्ड संक्रमित हो चुके हैं, जो डिमांड के अनुरूप शाखाओं तक रुपया पहुंचाने का काम करते थे. तीज-त्योहारों का सीजन शुरू है, ऐसे में बैंकों को ज्यादा से ज्यादा कैश के संचालन की जरूरत होती है. अब कैश न मिलने से शाखाएं किसी तरह से संचालित हो रही हैं. उधर बैंककर्मियों में भी खौफ है कि कहीं वह भी गार्ड व ड्राइवर के संपर्क में ना आ गए हों.



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