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पटना. पिछले दिनों बिहार (Bihar) के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने राबड़ी देवी, लालू यादव और तेजस्वी यादव पर ट्वीट कर जमकर हमला बोला था. इस पर रविवार को राबड़ी देवी (Rabri Devi) ने पलटवार करते हुए कहा कि सुशील मोदी (Sushil Modi) शक्तिशाली लालू मंत्र का दिन भर जाप करते रहते हैं. वहीं राबड़ी देवी के बेटे और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर सरकार के सामने सवालों की झड़ी लगा दी.

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अपने जवाबी हमले में तंज भरा ट्वीट लिखा कि सुशील मोदी को घर से बाहर निकलना चाहिए, उन्हें कोरोना नहीं होगा क्योंकि सुशील मोदी के पास ‘लालू कवच’ है. यह आदमी दिन में 72 हजार बार ‘शक्तिशाली लालू मंत्र’ का जाप करता है और कोरोना दूर भगाता है. @SushilModi कहां छुपल है? जल्दी बिल से बाहर निकलो.

बिहार में कोरोना संक्रमित मरीजों की आ गई है बाढ़

वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार से कई चुभते हुए सवाल पूछे है. उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य में बाढ़ और कोरोना को लेकर स्थिति भयावह है. बिहार जैसे 12.60 करोड़ घनी आबादी वाले राज्य में अभी तक मात्र 0.35% लोगों की जांच हुई है. प्रति 10 लाख आबादी पर मात्र 3,508 लोगों की जांच हो रही है जो देश में सबसे कम है. बिहार में बीते 140 दिनों में प्रतिदिन जांच का औसत सिर्फ 3,158 है. बीते दो हफ्तों से Antigen Tests को छोड़ दें तो आज भी बमुश्किल 3,000 जांच हो रही है. बिहार प्रदेश की जुलाई महीने में Positivity fee 12.54% है जो देश में सबसे ज्यादा है.

तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि कोरोना वायरस से सिर्फ जुलाई महीने में अभी तक बिहार में 159 लोगों की मौत हुई है. मतलब प्रतिदिन छह लोगों की मौत हो रही. जो बिना जांच और इलाज मर रहे हैं उनकी गिनती ही नहीं है. सरकार को आंकड़ों की बाजीगरी छोड़ अब तो गंभीर होना चाहिए.

नया अस्पताल क्यों नहीं बनवाए

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछा कि बिहार में RT-PCR Tests की क्षमता क्यों नहीं बढ़ाई जा रही? RT-PCR Test से ही कोरोना की सटीकता का पता चलता है. Antigen टेस्ट में बहुत सी विसंगतियां सामने आ रही हैं. चार महीने के दौरान बिहार से छोटे कई राज्यों ने काबिले तारीफ काम करते हुए अपने राज्यों की अस्पतालों का क्षमतावर्धन किया. उन्होंने मेकशिफ्ट अस्पताल बनवाए. मुख्यमंत्री जी, आपने इतने दिनों में एक भी नया अस्पताल क्यों नहीं बनाया?

रुई-सुई से आगे नहीं बढ़े अस्पताल

बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी दयनीय क्यों है कि आपके 15 साल के शासन के बाद भी अस्पतालों में रुई और सुई के अलावा जरूरी मेडिकल उपकरण उपलब्ध क्यों नहीं है? आप इतने असहाय क्यों हैं कि आपके मंत्री और अधिकारी आपकी ही बात नहीं सुनते? आपदा के बीच आप काबिल अधिकारियों को दरकिनार कर नाकाम और भ्रष्ट अधिकारियों पर यकीन क्यों कर रहे हैं? आप जनप्रतिनिधियों से जमीनी फीडबैक प्राप्त क्यों नहीं करते?

बिहार में जेडीयू और राजद के बीच राजनैतिक आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर जारी है. (फाइल फोटो)  In JDU and RJD in Bihar, a period of political accusation continues. (File photo)

बिहार विधानसभा के चुनावी वर्ष में जनता दल युनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर जारी है

नीतीश कुमार 15 साल से शासन कर रहे हैं

तेजस्वी यादव ने सवाल किया कि आप देश के इकलौते ऐसे असफल मुख्यमंत्री रहे जो लॉकडाउन में अपने राज्य के छात्रों, मजदूरों को वापस लाने में पूर्णतः नाकाम रहे. जो श्रमिक भाई वापस आए उनकी कोरोना जांच करने, क्वारंटाइन करने, रोजगार और सहायता राशि देने में विफल रहे. शिक्षा, स्वास्थ्य और विधि व्यवस्था बर्बाद करने के बाद अब कोरोना काल और बाढ़ में आपके कुप्रबंधन की सारा देश चर्चा क्यों कर रहा है? विचारिए? माननीय मुख्यमंत्री जी, भूतकाल से निकल वर्तमान में आत्मचिंतन किजिए ताकि बिहार का भविष्य बचे और आने वाला कल उज्जवल रहे. याद रहे, आप 15 साल से शासन कर रहे हैं.

प्रति दिन 20 हजार जांच का लक्ष्य

तेजस्वी यादव के नीतीश सरकार पर सवाल उठाने पर जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने जबाब देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष, राज्य में हो रहे कोरोना की जांच के आंकड़ों पर सवाल पूछ रहे हैं. लेकिन आपको इस बात का अंदाजा नहीं कि राज्य के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी किन विपरीत परिस्थितियों में लगातार अपनी जान जोखिम में डालकर अस्पतालों में इलाज कर रहे हैं. क्या आपको यह पता है कि बिहार में कितने डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी सेवा देने के क्रम में संक्रमित हो गए? बिहार में आज हर दिन कोरोना जांच का आंकड़ा 12 हजार के ऊपर जा चुका है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे 20 हजार प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है. राज्य के अंदर कोरोना मरीजों की रिकवरी दर पहले से बेहतर हुई है.  कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई जारी है लेकिन आप केवल राजनीति कर रहे हैं.

लालू-राबड़ी के शासन में बिहार रिवाइंड हो गया

संजय सिंह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को इस बात का अंदाजा नहीं कि 15 वर्षों के आपके माता-पिता (लालू यादव-राबड़ी देवी) के शासनकाल में बिहार में विकास केवल ठहरा हुआ नहीं था बल्कि उसे रिवाइंड कर दिया गया था. विकास का नामोनिशान खत्म कर राज्य को पतन के गर्त में ले जाने का काम आरजेडी के शासनकाल में हुआ. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब बिहार की बागडोर संभाली उसके पहले राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति क्या थी यह सबको मालूम है.

राज्य सरकार ने निरंतर इस दिशा में काम किया और चमकी बुखार जैसे मामलों से निपटने के लिए सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनवाया. आप कोरोना पर अस्पताल बनवाने की बात कह रहे हैं? पटना के पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेस्क चले जाइए आपको हकीकत पता चल जाएगी. राज्य सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए जो तैयारी की है उसकी कल्पना भी आप नहीं कर सकते. हां, राजनीति अवश्य कर सकते हैं.



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