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एलडीए (LDA) के चीफ इंजीनियर इंदु शेखर सिंह के मुताबिक पीएम आवास योजना के लिए तय शर्तें पूरी करने वाला कोई भी व्यक्ति पंजीकरण फॉर्म भर सकता है.

लखनऊ. लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) में गरीबों को सस्ते मकान दिए जाने के लेकर पंजीकरण शुरू करने का ऐलान किया है. एलडीए ने शारदा नगर और हरदोई रोड योजना में पीएम आवासों के लिए पंजीकरण खोलने का ऐलान कर दिया है. इन आवासों के लिए 30 जुलाई से 25 सितंबर के बीच आवेदन किया जा सकता है. पंजीकरण फीस 5000 रुपये तय की गई है और लॉटरी में सफल होने के एक महीने के भीतर 45000 रुपया जमा करना होगा. छह लाख 51 हजार रुपये के इन मकानों पर ढाई लाख की सब्सिडी सरकारी की तरफ से मिलेगी. आवंटियों को केवल चार लाख एक हजार रुपया जमा करना होगा. यह रकम भी उन्हें छह तिमाही किश्तों में जमा करने की सुविधा होगी. पंजीकरण से लेकर फीस और किश्तें एलडीए के पोर्टल http://www.ldaonline.in पर ऑनलाइन ही होंगी.

ढाई लाख रुपए सरकार देगी सब्सिडी

आवास खरीदने के लिए एलडीए बैंकों से लोन की सुविधा भी मुहैया कराएगी. मकान की कीमत 6.30 लाख रुपए होगी. ढाई लाख रुपए सरकार सब्सिडी देगी. जबकि मकान जिनके नाम से निकलेगा उन्हें four लाख रुपए ही देना होगा. वो एक बार में इसे दे सकते हैं या फिर लोन चाहिए तो बैंक से लोन दिलाया जाएगा. लॉटरी में नाम आने के एक महीने के अंदर 45 हजार जमा करना होगा.

लखनऊ का स्थायी पता होगा तभी कर सकेंगे आवेदन एलडीए की इन दोनों योजनाओं में केवल वही लोग आवेदन कर सकेंगे, जिनके पास लखनऊ का स्थायी पता होगा. स्थायी पते के लिए आधार कार्ड या सूडा की तरफ से तय दस्तावेज मान्य होंगे. वहीं, आवेदक के पास जाड़ा, सर्दी और गर्मी में रहने लायक पक्का मकान नहीं होना चाहिए. इस शर्त के साथ सालान आय तीन लाख या इससे कम होने पर आवेदन किया जा सकता है.

सूडा की लिस्ट में नाम नहीं तो भी कर सकेंगे पंजीकरण 
पीएम आवासों के लिए लाभार्थियों का चयन करने के लिए सूड़ा की तरफ से सर्वे किया गया था. माना जा रहा था कि जिनका नाम इस सूची में है, केवल वही पीएम आवासों के लिए पंजीकरण फॉर्म भर सकेंगे. हालांकि एलडीए ने ऐसा करने से इंकार कर दिया है. एलडीए के चीफ इंजीनियर इंदु शेखर सिंह के मुताबिक पीएम आवासा के लिए तय शर्तें पूरी करने वाला कोई भी व्यक्ति पंजीकरण फॉर्म भर सकता है. हालांकि पंजीकरण खत्म होने के बाद ऐसे आवेदकों की सूची सूड़ा को भेजी जाएगी ताकि उनका भौतिक सत्यापन कराया जा सके.



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