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यूपी में अलग-अलग 8 जगहों पर पौधारोपण अभियान चलाया गया. इनमें मेरठ (Meerut) के साथ बाराबंकी, गौतमबुद्धनगर, चित्रकूट, सीतापुर, लखनऊ, बांदा जिले प्रमुख हैं. सभी जगहों पर एक तय समय सीमा के अंतर्गत अलग-अलग प्रजाति के पौधे रोपित किए गए.

मेरठ. उत्तर प्रदश के मेरठ (Meerut) में 40 किलोमीटर दूर पाण्डवों की राजधानी रही हस्तिनापुर (Hastinapur) ऐतिहासिक धरती कही जाती है. अब ऐतिहासिक हस्तिनापुर एक और इतिहास रचने की ओर अग्रसर है. ये इतिहास पौधारोपण (Plantation) को लेकर गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guiness Book Of World Record) में अपना नाम दर्ज कराने को लेकर है. हस्तिनापुर में आज वन विभाग की टीम ने एक साथ 30 प्रजाति के 360 पौधे तय 55 मिनट में लगाकर रिकॉर्ड बनाने की ओर पहला कदम बढ़ा दिया है.

यूपी में 8 जगहों पर एक साथ प्लांटेशन

यूपी में अलग-अलग 8 जगहों पर पौधारोपण अभियान चलाया गया. इनमें मेरठ के साथ बाराबंकी, गौतमबुद्धनगर, चित्रकूट, सीतापुर, लखनऊ, बांदा जिले प्रमुख हैं. सभी जगहों पर एक तय समय सीमा के अंतर्गत अलग-अलग प्रजाति के पौधे रोपित किए गए. बाकायदा ड्रोन के ज़रिए इस पूरी कवायद को रिकॉर्ड किया गया. उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम हर दिशा में कैमरे लगाकर पूरी कवायद की रिकॉर्डिंग की गई. अब ये रिकॉर्डिंग गिनीज़ बुक की टीम को भेजी जाएगी. बाद में इसका रिज़ल्ट अऩाउंस होगा कि रिकॉर्ड बना या नहीं.

हस्तिनापुर में जुटीं 15 टीमेंमेरठ के हस्तिनापुर में 15 टीमों ने मिलकर 360 पौधों का रोपण किया. हर टीम में 2 व्यक्ति शामिल रहे. टीम का एक सदस्य पौधा रोपित कर रहा था तो दूसरा फोटोग्राफी कर रहा था. टीम का नेतृत्व कर रही डीएफओ आदिति शर्मा लगातार ग्राउंड पर मौजूद रहकर सदस्यों का मनोबल बढ़ा रही थीं. भीषण गर्मी में तपती धूप में इस कवायद को वक्त रहते ही पूरा किया गया.

वन विभाग की पूरी टीम इस कवायद को लेकर उत्साहित थी और उतना ही उत्साहित थी हस्तिनापुर की जनता. हमें उम्मीद है कि पौधारोपण अभियान को लेकर हम गिनीज़ बुक में अपना नाम अवश्य दर्ज कराएंगे और हमारा उत्तरप्रदेश पौधारोपण को लेकर विश्व को दिशा दिखाएगा.



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