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बेशकीमती छह मूर्तियों की लूट के मामले का पुलिस ने दो महीने बाद खुलासा किया है. इसके साथ ही लूटी गयी मूर्तियों को भी बरामद कर लिया गया है. पुलिस मुठभेड़ के बाद पुलिस के हत्थे चढ़े इन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है.

आजमगढ़. जनपद पुलिस ने दो माह पूर्व पुजारी को बंधक बनाकर अष्टधातु की बेशकीमती मूर्तियां (Ancient idols of Ashtadhatu) लूटने वाले गिरोह से मुठभेड़ (Police Encounter) के बाद 6 लुटेरों (Robbers) को पकड़ने में कामयाबी पाई है जबकि इनके 4 साथी फरार बताए जा रहे हैं. DIG आजमगढ़ ने मुबारक पुलिस टीम को इस कार्य के लिए 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया है.

पुजारी के हाथ-पैर बांध कर लूटी थीं मूर्तियां
बता दें कि जनपद के मुबारकपुर कस्बे में गत 24 मई की रात बेशकीमती छह मूर्तियों की लूट के मामले का पुलिस ने दो महीने बाद खुलासा किया है. इसके साथ ही लूटी गयी मूर्तियों को भी बरामद कर लिया गया है. पुलिस मुठभेड़ के बाद पुलिस के हत्थे चढ़े इन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. इस वारदात को मुबारकपुर थाना क्षेत्र के राम जानकी मन्दिर के पुजारी जयंत तिवारी को 24 मई की रात अज्ञात लुटेरों ने हाथ-पैर बांधकर मन्दिर में स्थापित अष्टधातु की करोड़ों की कीमत वाली राधा, कृष्ण, बलराम, राम, जानकी, लक्ष्मण की मूर्तियां लूट ले गए थे. पुजारी ने इसकी सूचना स्थानीय थाने को दी जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था.

पुलिस अधीक्षक प्रो. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में से अनिल सोनकर को इन मूर्तियों की खासियत की जानकारी थी उसे पता था कि विदेशी तस्कर इन बेशकीमती मूर्तियों को खासी कीमत देते हैं. उसने अपनी मामी रीता सोनकर व अन्य लोगों के साथ इन मूर्तियों को लूटने की योजना बनाई. वारदात की रात उसके साथ सौरभ,अनिल,विपिन मौर्या,राजेन्द्र व पिन्टू वर्मा असलहे के साथ मन्दिर गये और पुजारी को बांध कर मूर्तियां लूट लीं. अभी ये लोग इन मूर्तियों को बेचने के लिए प्रयासरत थे लेकिन पुलिस को इसकी भनक लग गई जिसके बाद इन्हें मुठभेड़ के बाद पकड़ने में कामयाबी मिली. इस गिरोह के चार साथी अभी फरार हैं पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है.

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याद दिला दें कि जनपद के देवगांव, निजामाबाद, दीदारगंज थाना क्षेत्र में भी अष्टधातु की कीमती मूर्तियों की चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया है लेकिन वारदात के कई साल बाद भी इन थानों की पुलिस वारदात का खुलासा नहीं कर पाई है जो पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल भी उठाती है. वहीं मुबारकपुर पुलिस के इस खुलासे के बाद डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुभाष चन्द्र दूबे ने इस टीम को 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया है.



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