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DEO के ख़िलाफ़ डीएम से लेकर सरकार तक को प्रत्यावेदन दिया गया मगर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

नैनीताल. उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने सरकार को हरिद्वार जिला शिक्षा अधिकारी बह्मपाल सैनी पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं. हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने कहा है कि 6 अगस्त तक जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस देकर चार्ज फ्रेम करें जिसके बाद कार्रवाई की रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करें. हाईकोर्ट ने टिप्पणी भी की है कि अगर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के दस्तावेज हैं तो अब तक सरकार उनको क्यों बचा रही है और अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

किसी ने नहीं सुनी बात 

बता दें कि हरिद्वार के पदम सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ज़िला शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सैनी की नियुक्ति गृह जनपद में करने को चुनौती दी है. याचिका में कहा गया है कि सैनी की नियुक्ति हरिद्वार में नियम विरुद्ध है और उन पर करप्शन के भी आरोप हैं.

याचिका में कहा गया है कि इसके ख़िलाफ़ डीएम से लेकर सरकार तक को प्रत्यावेदन दिया गया मगर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. याचिका में कहा गया है कि ब्रह्मपाल सैनी को हरिद्वार से तत्काल हटाया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए.

पदम सिंह के अधिवक्ता चन्द्र शेखर जोशी ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति गृह जनपद में करना गलत था और नियमों के विरुद्ध भी. कोर्ट में इन सभी बातों के साथ ब्रह्मपाल सैनी के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार के दस्तावेज भी रखे गए. इसके बाद कोर्ट ने 6 अगस्त तक कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं. अब सरकार को उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद कोर्ट में जानकारी देनी होगी.



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